नई दिल्ली। दुनिया की सबसे शक्तिशाली नौसेनाओं में शामिल भारतीय नौसेना (Indian Navy Carrer Guide) में करियर बनाने का सपना हर साल लाखों युवा देखते हैं। लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत के साथ देशभक्ति का जज्बा भी जरूरी है। नौसेना में आप क्या बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं, यह आपकी योग्यता पर निर्भर करता है।
दरअसल, नौसेना में तीन तरह के पद (Indian Navy Carrer Guide) होते हैं। पहला नेवल ऑफिसर, दूसरा सेलर और तीसरा नेवल सिविलियन। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इन तीनों रैंक्स के साथ यह भी समझने में मदद करेंगे कि आपको कौन से पद के लिए आगे बढ़ना चाहिए।
‘नेवल ऑफिसर’ कैसे बनें
भारतीय नौसेना में ऑफिसर बनने के लिए आपको अहम पड़ाव पार करना होगा। आफिसर्स के लिए पांच तरह की सर्विसेज (Indian Navy Carrer Guide) होती हैं, जिनमें एग्जिक्यूटिव, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, मेडिकल और एजुकेशन सर्विस शामिल हैं।
भारतीय नौसेना में सबसे बड़ा मौका एग्जिक्यूटिव सर्विसेज (जनरल सर्विसेज) का है, जिसके तहत जनरल सर्विसेज, पायलट, हाइड्रो, ऑब्जर्वर, एनएआईसी, लॉजेस्टिक, इंफार्मेशनल टेक्नोलॉजी, लॉ, एटीसी, स्पोर्ट्स और म्यूजिशियन सर्विसेज शामिल हैं।
इन सेवाओं के लिए चयन के बाद उम्मीदवारों को सब-लेफ्टिनेंट की रैंक में अफ़सर के रूप में भर्ती (Indian Navy Carrer Guide) किया जाता है। जिसके बाद, केरल की एजिमला भारतीय नौसेना अकादमी में नौसेना ओरिएंटेशन कोर्स कराया जाता है। कोर्स पूरा करने के बाद ऑफिसर्स को विभिन्न नौसेना प्रशिक्षण स्थापनाओं, यूनिटों या पोतों पर व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है।
सेलर कैसे बनें
भारतीय नौसेना में करियर का दूसरा विकल्प सेलर यानी (Indian Navy Carrer Guide) नौसैनिक का है। नौसैनिक पद पर चयन के लिए पांच तरह की कैटेगरी हैं। इसमें एसएसआर, अर्टिफिसर अप्रेंटिस, मैट्रिक रिक्रूट (एमआर ), म्यूजिशियन और स्पोर्ट्स की कैटेगरी शामिल है।
अर्टिफिसर अप्रेंटिस के तौर पर आपको कार्मिकों का प्रबंधन, प्रणालियों और उन्नत उपस्करों का अनुरक्षण की जिम्मेदारी दी जाती है। वहीं, एसएसआर यानी नौसैनिक (Indian Navy Carrer Guide) के रूप में आपको उच्च स्तरीय तकनीकी संगठन का हिस्सा बनने का मौका मिलता है।
यहां आपको एयर क्राफ्ट करियर, गाइडेड मिसाइल डिसट्रायर और फ्रिगेट – पुनर्मरन पोत और हाई एंड टेक्नॉलाजी और पनडुब्बियां और एयर-क्राफ्ट में अपनी सेवाएं (Indian Navy Carrer Guide) देनी होती हैं। मैट्रिक रिक्रूट के तौर पर स्टुवर्ड, रसोइया और सेनेटरी हाइजीनिस्ट का काम सौंपा जाता है। मैट्रिक रिक्रूट (म्यूजीशियन) के तौर पर आपको परेड समारोह और कार्यालय के अन्य समारोहों के दौरान नौसेना के बैंड के हिस्से बनकर वाद्य यंत्र बजाने होते है।
सिविलियन पद पर बनाए करियर
भारतीय नौसेना में करियर का तीसरा विकल्प हैं सिविलियन पद। इन पदों (Indian Navy Carrer Guide) के तहत मुख्य तौर पर ट्रेड्समैन मेट (टीएमएम), चार्जमैन (एक्सप्लोसिव एण्ड एम्युनेशन) और चार्जमैन मैकेनिक के पद आते हैं।




