नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देवों के भी देव भगवान शिव हैं, इसलिए इन्हें महादेव कहा जाता है। भगवान शिव को सच्चेमन से यदि एक लोटा जल भी अर्पित कर दिया जाए तो वे प्रसन्न हो जाते हैं। इसलिए इन्हें भोलेनाथ भी कहते हैं। फिर भी यदि किसी के मन में कोई विशेष कामना हो तो भगवान शिव प्रसन्न करने के लिए सबसे अच्छा उपाय माना जाता है, रूद्राभिषेक। जिसका अर्थ होता है मंत्रोच्चार करते हुए विभिन्न द्रव्यों और पदार्थों से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है।आइए जानते है अलग-अलग मनोकामना की पूर्ति के लिए अलग-अलग द्रव्यों से भगवान शिव जी का रूद्राअभिषेक करने के लाभ के बारे में।
भगवान शिव का सावन में पूजा करना व उनके अनुरुप मंत्रोच्चार करते हुए विभिन्न द्रव्यों और पदार्थों से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। तो चलिए जानते हैं कि किस मनोकामना के लिए किस पदार्थ से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए।
असाध्य रोग से मुक्ति के लिए
यदि कोई गंभीर रोग से पीड़ित है या फिर जातक की कुंडली में रोग की दशा चल रही हो तो ऐसे में कुशाजल से भगवान शिव का रूद्राभिषेक करवाना चाहिए। कुश को जल के लोटे में डालकर रूद्राभिषेक करने से असाध्य रोग से भी निजात मिल जाती है।
धन प्राप्ति के लिए
यदि आप धन प्राप्ति करना चाहते है तो, गन्ने के रस से भगवान शिव का रूद्राभिषेक करवाना चाहिए, इसके अलावा धन वृद्धि के लिए शहद और घी से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए।
संतान सुख की कामना पूर्ति के लिए
संतान सुख और परिवार में खुशहाली की कामना हैं तो दूध से भगवान शिव का रूद्राअभिषेक करवाना चाहिए।
ज्वर से मुक्ति पाने के लिए
यदि कोई तेज ज्वर से पीड़ित हैं और औषधि से भी लाभ नहीं हो पा रहा है तो, गंगा जल या शीतल जल से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए।
तेज बुद्धि पाने के लिए
यदि आप अपनी बुद्धि को तेज करना चाहते हैं तो दूध में शक्कर मिलाकर रुद्राभिषेक करवाना चाहिए। यदि कोई मंदबुद्धि भी शक्कर मिश्रित दूध से अभिषेक करता है तो उसकी बुद्धि भी तेज हो जाती है।
भूमि-भवन और वाहन प्राप्ति के लिए
भगवान शिव का रूद्राभिषेक दही से करवाना चाहिए, मान्यता है कि दही से रूद्राभिषेक करने से भूमि-भवन और वाहन की प्राप्ति होती है।
शत्रु और मार्केश दशा से बचने के लिए
शत्रु आपके ऊपर हावी हो रहे हैं तो ऐसे में आपको सरसों के तेल से भगवान शिव का रूद्राभिषेक करवाना चाहिए। यदि आपकी कुंडली में मार्केश की दशा बन रही है तो भी सरसों के तेल से शिव जी का अभिषेक करना चाहिए।




