नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। अश्विन माह में शारदीय नवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। शारदीय नवरात्रि के 9 दिन शक्ति की देवी मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। साथ ही व्रत रखना भी शुभ होता है। इस दौरान माता की मूर्ति की भी स्थापना की जाती है। जातक उनको प्रसन्न करने के लिए नए-नए पकवान बनाते हैं और गीत भजन करते हैं। वहीं अगर आप कंफ्यूज हो रहे हैं कि यह नवरात्रि कब से लगने जा रही है। तो चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
3 अक्टूबर से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि
इस साल 2024 की शारदीय नवरात्रि 3 अक्टूबर से शुरू होगी। जो 9 दिन तक चलने के बाद 12 अक्टूबर को दशहरा के दिन इसका समापन होगा। जो जातक माता की मूर्ति की स्थापना करें करते हैं। दशहरा वाले दिन सुबह माता का विसर्जन करके शाम को दशहरा का त्योहार मनाते हैं।
शारदीय नवरात्रि का शुभ मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि के दौरान अगर आप कलश रखना चाहते हैं तो उसका शुभ मुहूर्त प्रात: काल 06 बजकर 15 मिनट से लेकर सुबह 07 बजकर 22 मिनट तक है। इसीलिए इस शुभ मुहूर्त के हिसाब से अपना कलश स्थापना कर सकते हैं।इसके साथ ही जो देवी की मूर्ति की स्थापना करना चाहते हो उन्हें भी इस मुहूर्त को मानना चाहिए।
नौ देवियों की तिथियां
3 अक्टूबर 2024: मां शैलपुत्री
4 अक्टूबर 2024: मां ब्रह्मचारिणी
5 अक्टूबर 2024: मां चन्द्रघण्टा
6 अक्टूबर 2024: मां कूष्माण्डा
7 अक्टूबर 2024: मां स्कंदमाता
8 अक्टूबर 2024: मां कात्यायनी
9 अक्टूबर 2024: मां कालरात्रि
10 अक्टूबर 2024: मां सिद्धिदात्री
11 अक्टूबर 2024: मां महागौरी
12 अक्टूबर 2024: दुर्गा विसर्जन
पूजा विधि
नवरात्रि दौरान आप माता दुर्गा की पूजा करने के लिए प्रात काल उठे और स्नान करके माता रानी के मंदिर जाएं। माता रानी को जल अर्पित करके उन्हें चुनरी चढ़ाएं।और फल फूल माला चढ़कर उनकी पूजा शुरू करें। माता रानी को घी का दीपक जलाएं। अगर आप 9 दिन तक का व्रत रख रहे हैं तो कोशिस करें ये दिया 9 दिन तक जलता रहे। कपूर की आरती करें और चढ़ाया हुआ प्रसाद सबको दें और स्वयं भी ग्रहण करें। लाल रंग मां दुर्गा को अत्यधिक प्रिय है।इसलिए इस दिन मां दुर्गा की पूजा में लाल पुष्प और लाल चूड़ियां सिंदूर आदि भेंट करना चाहिए।





