नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी 2025 से हो चुका है। इस धार्मिक उत्सव में लाखों की संख्या में भक्त सातु संत और श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं। महाकुंभ में सबसे महत्वपूर्ण होता है शाही स्नान। ऐसी मान्यताएं है कि, शाही स्नान के दौरान डुबकी लगाने वाले व्यक्ति को समस्त पापों से मुक्ति मिल सकती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसे में शाही स्नान की तिथियों वाले दिन सबसे ज्यादा भीड़ होती है और श्रद्धालु उस स्थान पर एकत्रित होकर डुबकी लगाते हैं।
अगर आप किसी काम या कोई खास वजह से महाकुंभ में शाही स्नान के लिए नहीं जा पा रहे है, लेकिन शाही स्नान के बराबर फल जाहते है तो ऐसे कई उपाय हम आपको बताने जा रहे है जो आप अपने घर बैठे ही प्राप्त कर सकते है। अगर शाही स्नान के लिए प्रयागराज नहीं जा पा रही हैं तो ऐसी स्थिति में ज्योतिषी प्रदुमन सूरी से जानें कुछ आसान उपायों के बारे में जो आप घर में रहकर भी इसक लाभ ले सकते है, और शाही स्नान का पुण्य फल प्राप्त कर सकती हैं।
स्नान के पानी में गंगाजल मिलाएं
धार्मिक मान्यताओं ओर शास्त्रों के मुताबिक, महाकुंभ के शाही स्नान का महत्व अद्वितीय है, लेकिन इस पवित्र समागम में आप शामिल नही हो पा रहे है तो, आप घर पर ही इस पवित्र स्नान का पुण्य अर्जित कर सकती हैं। इसके लिए स्नान के पानी में पवित्र गंगाजल की कुछ बूंदें मिलाएं। जब आप अपने स्नान के पानी में गंगाजल मिलाती हैं, तो यह उस जल को पवित्र बनाकर शाही स्नान के समान पुण्य प्रदान करता है। गंगाजल को हिंदू धर्म में पवित्रता और शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। सनातन में ऐसी मान्यताएं है कि, गंगाजल का स्पर्श आपकी आत्मा को शुद्ध करता है और व्यक्ति को दिव्य ऊर्जा प्रदान करता है।
स्नान के दौरान विशेष मंत्र का जाप करें
जब आप शाही स्नान करने वाले दिन में घर ही स्नान कर रहे है तो आप विशेष मंत्रों का जाप कर सकते है। यह मत्र आपके लिए फलदायी ओर जीवन में लाभकारी साबित हो सकते है। घर पर स्नान करते समय ‘गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति, नर्मदे सिंधु कावेरी जलेस्मिन् सन्निधिं कुरू‘ मंत्र का जाप करें। इस मंत्र के जाप से आप पवित्र नदियों की दिव्यता को घर पर ही आमंत्रित कर सकते हैं और पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
स्नान के पानी में काले तिल मिलाएं
महाकुंभ के दौरान शाही स्नान के समय अगर आप घर पर ही स्नान करना चाहते है तो आप घर पर ही नहाने के पानी काले तिल मिलाकर स्नान करते हैं तो, पुण्य की प्राप्ति हो सकती है। महाकुंभ के शाही स्नान का महत्व काफी अहम माना जाता है। लेकिन, यदि आप इस पवित्र अवसर पर मेले में शामिल नहीं हो पा रही हैं, तो घर पर रहकर भी पुण्य प्राप्त कर सकते है। धर्म गुरुओं और ज्योतिष के मुताबिक, अगर आप नहाने के पानी में काले तिल मिलाकर स्नान करना अत्यंत शुभ माना गया है। यह न केवल आपको मानसिक और शारीरिक पवित्रता प्रदान करेगा, बल्कि आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करेगा। इस उपाय से आपको शाही स्नान के बराबर फल भी मिल सकता है।
घर पर शाही स्नान करने के नियम
महाकुंभ में शाही स्नान सबसे पहले साधु-संत को करने की इजाजत है।उसके बाद आम लोग और श्रद्धालु शाही स्नान करते है। आप भी अपने घर पर स्नान करने से पहले साधुओं को थोड़ा जल को समर्पित कर सकते है। जिस प्रकार महाकुंभ शाही स्नान के दौरान कम से कम पांच डुबकी लगानी होती है उसी प्रकार से आप भी घर पर स्नान करते सयम उस परंपरा के अनुरुप उस नियम का पालन करें। शाही स्नान करते समय साबुन या डिटर्जेंट का इस्तेमान नहीं किया जा सकता, इसलिए आप भी स्नान केवल शुद्ध पानी से ही करें।
शाही स्नान के बाद दान करना शुभ माना जाता है। तो इस नियम का पालन करते हुए आप घर पर भी किसी जरूरतमंदों को दान देने सकते है, जिससे की आपके पुण्य का फल बढ़ता है। यदि आप महाकुंभ में नहीं पहुंच पाए, तब भी यहां बताए कुछ नियमों का पालन करके शाही स्नान का पुण्य अर्जित कर सकते है।





