back to top
27.1 C
New Delhi
Thursday, March 12, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Kartik Purnima 2025: कार्तिक पूर्णिमा पर करें गंगा स्नान, व्रत और पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त और विधि

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। हर महीने एक पूर्णिमा आती है, और प्रत्येक की अपनी धार्मिक महत्ता होती है। इनमें से कार्तिक मास की पूर्णिमा सबसे खास मानी जाती है।

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क । हिंदू धर्म में पूर्णिमा का विशेष महत्व है, जो हर महीने एक बार आती है। प्रत्येक पूर्णिमा की अपनी धार्मिक महत्ता होती है, लेकिन कार्तिक मास की पूर्णिमा को सबसे खास माना जाता है। इस दिन देव दीपावली का आयोजन होता है और घर में लक्ष्मी-नारायण व शिव जी की पूजा का विधान निभाया जाता है।

इस साल कार्तिक पूर्णिमा 5 नवंबर को है और इसे त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवी-देवता पृथ्वी पर आते हैं, दीपदान करते हैं और गंगा स्नान का पुण्य प्राप्त होता है, इसलिए इसे देव दीपावली कहा जाता है। वहीं, सिख धर्म में इसे प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है।

कार्तिक पूर्णिमा 2025: स्नान और पूजा मुहूर्त

तिथि की शुरुआत: 04 नवंबर 2025, रात 10:36 बजे

तिथि का अंत: 05 नवंबर 2025, शाम 6:48 बजे

गंगा स्नान मुहूर्त: सुबह 4:52 से 5:44 बजे तक

पूजा मुहूर्त: सुबह 7:58 से 9:20 बजे तक

देव दीपावली (प्रदोषकाल) मुहूर्त: शाम 5:15 से रात 7:05 बजे तक

चंद्रोदय: शाम 5:11 बजे

कार्तिक पूर्णिमा व्रत पूजा विधि:

सूर्योदय से पहले गंगा स्नान करें।

घर में गंगाजल का छिड़काव करें।

फलाहार व्रत का संकल्प लें। इस व्रत में अनाज, मसाले, तंबाकू, चाय-कॉफी और तामसिक भोजन वर्जित हैं।

व्रत संकल्प के बाद गणेश जी की पूजा करें।

शिव-पार्वती की विधि-विधान से पूजा करें।

भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को पूजा सामग्री अर्पित करें।

सत्यनारायण कथा का पाठ करें।

ब्राह्मण को दान दें- अन्न, वस्त्र, घी, तिल, चावल आदि।

दीपदान किसी तालाब या जलाशय में अवश्य करें।

अंत में व्रत का पारण करें।

यह विधि पूर्णिमा के पवित्र दिन को विशेष बनाती है और आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर देती है।

मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने का आसान उपाय

पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करते समय उन्हें लाल फूल अर्पित करें और कनकधारा स्त्रोत का पाठ करें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आपको सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

इसके अलावा, 11 कौड़ियों पर हल्दी पिसकर लगाएं और उन्हें पूजा में अर्पित करें। इसके बाद घी का दीपक जलाकर लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। पूजा समाप्ति पर इन कौड़ियों को धन वाले स्थान या तिजोरी में रख दें, जिससे घर में धन-संपत्ति बढ़ती है।

Disclaimer: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Advertisementspot_img

Also Read:

spot_img

Latest Stories

LPG Crisis: भारत में कब-कब आया LPG गैस संकट? जानिए 2026 से पहले कब-कब लोगों को हुई गैस की किल्लत

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते...

Chaitra Navratri 2026: घटस्थापना मुहूर्त, पूजा विधि और नौ दिन की त्योहार की पूरी जानकारी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म का सबसे पवित्र और...

भारत में क्या है इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया? विदेशों से कितनी अलग है पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बुधवार 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट...

बॉक्स ऑफिस पर The Kerala Story 2 का रहा अच्छा प्रदर्शन, जानिए कलेक्शन रिपोर्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। 'द केरल स्टोरी 2: गोज...

कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। न्यूजीलैंड को परास्त करके टी20 विश्व...

Gas Supply Crisis: कहीं गैस बुकिंग ठप तो कहीं लंबी लाइनें, कई शहरों में LPG को लेकर बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मध्य पूर्व में जारी तनाव...