नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा की शुरुआत जल्द ही शुरू होने वाली हैं। अब वो दिन आजदीक ही है जब भगवान विष्णु के पवित्र धाम बद्रीनाथ (Badrinath) के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यात्रा को लेकर शासन और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।तो चलिए इसके बारे में पूरी जानकारी जानते हैं।
कब खुलेगा कपाट
इस साल चारधाम यात्रा की शुरुआत 20 अप्रैल के बाद होने जा रही है।वहीं बद्रीनाथ धाम का कपाट इस साल 23 अप्रैल से खोल दिया जाएगा। यात्रा को लेकर सारी तैयारी पूरी हो गई है। आपको बता दें कि, 2025 में बद्रीनाथ धाम में 16 लाख 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इस बार भी बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की संभावना जताई जा रही है, जिसके चलते प्रशासन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है।
प्रशासन कर रही तैयारी
प्रशासन का प्रयास है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद कर दी जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव मिल सके. साथ ही स्थानीय व्यवसायों को भी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बद्रीनाथ धाम के बारे में
बद्रीनाथ मंदिर भारत के चार धामों में से एक अत्यंत पवित्र तीर्थस्थल है, जो उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु के बद्री रूप को समर्पित है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं।यह मंदिर विशेष रूप से चार धाम यात्रा का प्रमुख हिस्सा है, जिसमें बद्रीनाथ के साथ केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री शामिल हैं। इस यात्रा को करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है, ऐसी मान्यता है।
बद्रीनाथ धाम महत्त्व
बद्रीनाथ मंदिर का धार्मिक महत्त्व बहुत अधिक है। मान्यता है कि यहां भगवान विष्णु तपस्या में लीन हुए थे और देवी लक्ष्मी ने बद्री वृक्ष का रूप धारण कर उन्हें छाया दी थी। इसलिए इस स्थान को बद्रीनाथ कहा गया। यह मंदिर आदि शंकराचार्य द्वारा 8वीं शताब्दी में पुनर्स्थापित किया गया था, जिसके बाद से इसकी महिमा और बढ़ गई।बद्रीनाथ मंदिर की आस्था इतनी गहरी है कि भक्त कठिन रास्तों और मौसम की चुनौतियों के बावजूद यहां पहुंचते हैं।
इस प्रकार पहुंच सकते हैं बद्रीनाथ धाम
बद्रीनाथ पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको उत्तराखंड के हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचना होता है। वहां से सड़क मार्ग द्वारा जोशीमठ होते हुए बद्रीनाथ जाया जा सकता है। निकटतम रेलवे स्टेशन हरिद्वार है और सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जॉली ग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून) है। इसके बाद बस, टैक्सी या निजी वाहन से यात्रा पूरी की जाती है।
रेल मार्ग (Train)= बद्रीनाथ के लिए सीधी ट्रेन नहीं है। सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन हरिद्वार रेलवे स्टेशन और ऋषिकेश रेलवे स्टेशन हैं। यहां से आप बस या टैक्सी लेकर आगे की यात्रा कर सकते हैं।
हवाई मार्ग (Flight)= सबसे नजदीकी एयरपोर्ट जॉली ग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून) है। यहां से बद्रीनाथ लगभग 300 किलोमीटर दूर है, जहां तक टैक्सी या बस से पहुंचा जा सकता है।
सड़क मार्ग (Road)= सड़क मार्ग से बद्रीनाथ की यात्रा सबसे लोकप्रिय है। हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून से नियमित बसें और टैक्सी सेवाएं मिलती हैं। रास्ता जोशीमठ होते हुए जाता है, जो बहुत सुंदर और पहाड़ी दृश्यों से भरा होता है।
हेलीकॉप्टर सेवा (Helicopter) = जो लोग जल्दी पहुंचना चाहते हैं, उनके लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध है। यह सेवा आमतौर पर देहरादून या फाटा से मिलती है, जिससे यात्रा आसान और समय बचाने वाली हो जाती है।




