नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 1314 प्रत्याशी मैदान में हैं। 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग जारी है। इसी बीच सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा में हैं जन शक्ति जनता दल (JJP) के अध्यक्ष और महुआ सीट से उम्मीदवार तेज प्रताप यादव का बयान, जिसने राजनीति में नई हलचल मचा दी है।
तेज प्रताप बोले- “मुख्यमंत्री बनने का मौका मिले तो क्यों छोड़ेंगे”
तेज प्रताप यादव ने कहा,“किसी की भी सरकार रहे, जो आम आदमी को रोजगार देगी, पलायन रोकेगी और बिहार में बदलाव लाएगी, हम उसके साथ रहेंगे। जनता मालिक है, वही सब तय करती है। हमारी विरासत लोहिया जी और कर्पूरी ठाकुर की है विचारधारा सामाजिक न्याय और संपूर्ण क्रांति की है। उन्होंने आगे कहा, “जैसे हमारे पिताजी कहते थे कि अगर हमें प्रधानमंत्री बनने का मौका मिले तो हम क्यों छोड़ेंगे, वैसे ही अगर हमें मुख्यमंत्री बनने का मौका मिले तो हम क्यों छोड़ेंगे। बनेंगे या नहीं, यह 14 तारीख को तय होगा, लेकिन हम इतने लोभी नहीं हैं कि बस कुर्सी पर बैठना है। तेज प्रताप का यह बयान साफ संकेत देता है कि वे खुद को एक संभावित नेता के रूप में स्थापित करना चाहते हैं, न कि सिर्फ लालू के बेटे के रूप में।
“हर वोट जनता का आशीर्वाद है”-तेज प्रताप की जनता से अपील
मतदान के दिन तेज प्रताप यादव ने लोगों से कहा ,“हर वोट की अपनी कीमत होती है। बिहार की जनता को अपने मताधिकार का उपयोग ज़रूर करना चाहिए। जनता का आशीर्वाद हमारे लिए माता-पिता के आशीर्वाद जैसा है। सबसे बड़ा वरदान, उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण मतदान और लोकतंत्र की मजबूती की अपील भी की। मतदान के बाद मीडिया से बातचीत में राबड़ी देवी ने कहा, “मेरे दोनों बेटे जनता की सेवा कर रहे हैं। तेजस्वी और तेज प्रताप को बिहार की जनता का भरपूर प्यार मिलेगा। जनता सब समझती है। उनका यह बयान न केवल लालू परिवार की एकता का संदेश देता है, बल्कि उन अफवाहों को भी खारिज करता है जो तेजस्वी और तेज प्रताप के बीच दूरी की बात करती थीं। राबड़ी देवी ने कहा ,“तेज प्रताप अब अपने पैरों पर खड़ा हो रहा है। यह सिर्फ एक मां का गर्व नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संकेत भी माना जा रहा है कि परिवार अब चुनावी जंग में पूरी तरह एकजुट है। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा, बिहार की जनता बेरोज़गारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई से परेशान है। जनता इस बार न्याय और अधिकारों के लिए वोट कर रही है। तेज प्रताप ने भाई के सुर में सुर मिलाते हुए कहा,“लोकतंत्र को मज़बूत बनाने के लिए हर वोट जरूरी है। दोनों भाइयों का यह साझा संदेश इस बात का प्रतीक है कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर वे अब एक ही लक्ष्य के लिए मैदान में हैं बिहार में बदलाव। बिहार चुनाव के पहले चरण में जहां मतदान का जोश दिख रहा है, वहीं तेज प्रताप यादव का यह बयान चुनावी माहौल का केंद्र बन गया है। राबड़ी देवी के समर्थन और तेजस्वी के साथ तालमेल ने साफ कर दिया है कि लालू परिवार इस चुनाव में एकजुट मोर्चे के साथ मैदान में है.और जनता के फैसले का इंतजार अब पूरे बिहार को है।





