नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और आरजेडी उम्मीदवार खेसारी लाल यादव को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। मुंबई के मीरा रोड स्थित उनके बंगले पर अवैध निर्माण को लेकर मीरा-भायंदर महानगर पालिका ने नोटिस जारी किया है।
नगर निगम का कहना है कि खेसारी लाल यादव ने अपने बंगले में बिना अनुमति लोहे के एंगल और शेड लगाकर निर्माण किया है, जो नियमों के अनुसार अवैध है। महानगर पालिका ने इस संबंध में नोटिस जारी किया है। जिसमें निर्देश दिया है कि यह अवैध निर्माण तत्काल हटाया जाए, अन्यथा अतिक्रमण विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी। निगम ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में निर्माण ढांचा हटाया नहीं गया, तो प्रशासन खुद इसे तोड़ने की कार्रवाई करेगा और इसका खर्च खेसारी लाल यादव से वसूला जाएगा।
खेसारी लाल यादव ने यहां अपना स्टूडियो शुरू किया था
मीरा-भायंदर महानगर पालिका इन दिनों अपने क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध निर्माणों की जांच अभियान चला रही है। इसी जांच के दौरान खेसारी लाल यादव के बंगले का निरीक्षण किया गया। यह बंगला मीरा रोड के पॉश इलाके में स्थित है, जहां कुछ वर्ष पहले खेसारी लाल यादव ने अपना स्टूडियो शुरू किया था। इस स्टूडियो का उद्घाटन पिछले साल बड़े स्तर पर किया गया और यहीं से उनकी कई भोजपुरी फिल्में और संगीत एल्बमें बनी।
छपरा के मतदाताओं का मानना है कि खेसारी लाल यादव के बंगले पर अवैध निर्माण का विवाद उनके प्रचार अभियान को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, उनके समर्थक इसे “राजनीतिक साजिश” बता रहे हैं और इस मामले को चुनावी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं। वहीं, मीरा-भायंदर महानगर पालिका का कहना है कि यह कार्रवाई नियमित निरीक्षण और प्रक्रिया के तहत हो रही है, इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है।
चुनावी दबाव और कानूनी विवाद
फिलहाल, खेसारी लाल यादव इस विवाद पर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दे रहे हैं। माना जा रहा है कि वे संभवतः मतदान के बाद इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं। चुनावी मैदान में, खेसारी लाल यादव के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर उन्हें मतदाताओं का विश्वास जीतना है, वहीं दूसरी ओर कानूनी विवाद का सामना करना है। सिनेमा के सुपरस्टार और अब राजनीति में सक्रिय खेसारी लाल यादव के लिए यह समय महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण दोनों है।





