नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने अब साफ कर दिया है कि वे अब अपनी राजनीतिक राह अलग करने जा रहे हैं। उन्होंने पहली बार आरजेडी का झंडा हटाकर अपना नया झंडा लॉन्च किया। साथ ही महुआ विधानसभा क्षेत्र में जनसभा कर साफ संदेश दे दिया कि अब वे स्वतंत्र राजनीति की ओर बढ़ चुके हैं।
तेजस्वी के लिए भाई का समर्थन बरकरार
आरजेडी से अलग होने के बावजूद तेजप्रताप का तेजस्वी प्रेम अब भी बना हुआ है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “तेजस्वी मेरा छोटा भाई है। उसे फंसाने वाले बहुत लोग हैं, लेकिन मैं हमेशा उसका साथ दूंगा। अगला मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ही बनेगा। तेजप्रताप ने तेजस्वी को ‘अर्जुन’ और खुद को ‘कृष्ण’ की उपमा दी और कहा कि जैसे कृष्ण ने अर्जुन का मार्गदर्शन किया, वैसे ही वे तेजस्वी का साथ देंगे।
भाजपा और नीतीश पर तीखा वार
भाजपा पर निशाना साधते हुए तेजप्रताप बोले, “बीजेपी में सब घिसे-पिटे चेहरे हैं, किसी में कोई क्वालिटी नहीं है। सपनों में जी रहे हैं। वहीं नीतीश कुमार को लेकर उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा,“उन्हें वृंदावन चले जाना चाहिए, यमुना में डुबकी लगानी चाहिए और हमारे गुरुदेव के आश्रम में रहना चाहिए। तेजप्रताप ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि “राज्य में अपराधियों का राज है। तेजस्वी यादव के घर पर भी फायरिंग हुई, ये महाजंगलराज नहीं तो क्या है? तेजप्रताप इन दिनों जनता दरबार लगा रहे हैं और लगातार जनता से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग उनके दरबार में आते हैं, उनमें से अधिकतर अपराध और कानून व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं लेकर आते हैं।
चुनाव लड़ने पर रखा सस्पेंस
जब तेजप्रताप से पूछा गया कि वे 2025 का विधानसभा चुनाव कहां से और किस पार्टी से लड़ेंगे, तो उन्होंने कहा, “चुनाव जरूर लड़ूंगा, लेकिन कहां से लड़ूंगा, ये अभी सस्पेंस है।”जब तेजप्रताप से पूछा गया कि वे 2025 का विधानसभा चुनाव कहां से और किस पार्टी से लड़ेंगे, तो उन्होंने कहा – यह बयान संकेत देता है कि वे न केवल प्रचार करेंगे बल्कि खुद भी एक मुख्य खिलाड़ी के रूप में चुनावी रणभूमि में उतर सकते हैं। तेजप्रताप यादव के बयानों और गतिविधियों से साफ है कि वे 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह एक्टिव हो चुके हैं। आरजेडी से दूरी और तेजस्वी को समर्थन देने की दोहरी रणनीति से वे सत्ता समीकरणों को नया मोड़ देने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले समय में तेजस्वी-तेजप्रताप की जोड़ी बिहार की राजनीति में कितना असर दिखाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा।





