नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है। वही, चुनाव के लेकर सियासी दल अपनी रणनीतिक चुनावी यात्रा और जनसंपर्क शुरु कर दिया है। इस बीच, भारतीय निर्वाचन आयोग जल्द ही तारीखों का ऐलान कर सकता है।
लेकिन BJP के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राज कुमार सिंह (आरके सिंह) ने बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल का इस्तीफा मांगा है। आरके सिंह ने कहा कि, वे जन सुराज पार्टी (JSP) के नेता प्रशांत किशोर के आरोपों का जवाब दें या इस्तीफा दें।
आरके सिंह ने कहा कि पार्टी का ग्राफ गिरने के कारण जिन नेताओं पर आरोप लगे हैं, उन्हें सामने आकर अपनी सफाई देनी चाहिए। गौरतलब है कि प्रशांत किशोर ने पिछले हफ्ते सम्राट चौधरी, दिलीप जायसवाल, साथ ही भाजपा और जदयू के मंत्री मंगल पांडेय, अशोक चौधरी और सांसद संजय जायसवाल पर विभिन्न आरोप लगाए थे।
जवाब दें, नहीं तो मानहानि का केस करें- आरके सिंह
आरके सिंह ने मीडिया से कहा, “जिन पर आरोप लगे हैं, उन्हें सामने आकर जवाब देना चाहिए। अगर जवाब है तो दें, नहीं है तो इस्तीफा दे दें। जैसे प्रशांत किशोर ने दिलीप जायसवाल पर हत्या और माइनॉरिटी मेडिकल कॉलेज पर अवैध कब्जे के आरोप लगाए हैं, उसका स्पष्ट जवाब दें। जवाब है तो मानहानि का केस करें।”
सम्राट चौधरी को लेकर क्या बोले आरके सिंह
सम्राट चौधरी के संदर्भ में आरके सिंह ने कहा, “जैसे प्रशांत किशोर बार-बार कहते हैं कि उप-मुख्यमंत्री सातवीं फेल हैं, उन्हें अपना मैट्रिक और ग्रेजुएशन डिग्री दिखानी चाहिए। यह सरकार और पार्टी की साख पर सवाल उठाता है। सामने आकर जवाब देना चाहिए, जैसा कि नीरज कुमार भी कहते हैं। ठीक वैसे ही, जैसे उन्होंने अशोक चौधरी के 200 करोड़ के सवाल पर बयान दिया।”
पीके के आरोप क्यों झेल रहे नेता- आरके सिंह
नेता बनने से पहले देश के गृह सचिव रहे आरके सिंह ने कहा कि, प्रशांत किशोर के आरोप झेल रहे नेता- जैसे मंगल पांडेय या संजय जायसवाल। को बिना नाम लिए सामने आकर अपनी बात साफ करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर आरोप सही है तो इस्तीफा दे दें। पार्टी की छवि धूमिल न करें। ग्राफ गिर रहा है, इसलिए जरूरी है कि सामने आएं।”
बता दें कि, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अफसर से बीजेपी नेता बने आरके सिंह 2024 के लोकसभा चुनाव में आरा सीट से CPI-ML के सुदामा प्रसाद से हार गए थे। आरके सिंह समेत शाहाबाद क्षेत्र में बीजेपी और JDU के अधिकांश उम्मीदवार चुनाव में सफल नहीं हो सके थे।




