नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । यूपी के कानपुर से शुरू हुआ ‘I Love Muhammad’ विवाद अब पूरे देश में फैल चुका है। उत्तराखंड, गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के शहरों में मुस्लिम समुदाय ने समर्थन में जुलूस निकाले। यह मामला धार्मिक भावनाओं और अभिव्यक्ति की आज़ादी के बीच नई बहस छेड़ रहा है, जिससे सुरक्षा और सामाजिक संतुलन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
रविवार रात यूपी के उन्नाव में ‘I Love Muhammad’ जुलूस हिंसक रूप ले लिया। जुलूस में शामिल कुछ लोगों पर पुलिस पर पथराव का आरोप लगा। इससे पहले, गुजरात के गोधरा में शुक्रवार देर रात बी डिवीजन पुलिस स्टेशन क्षेत्र में भी तनाव फैल गया था, जिससे स्थानीय प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी।
अब सवाल उठता है कि मुस्लिम समुदाय ‘I Love Muhammad’ के समर्थन में तख्तियां लेकर जुलूस क्यों निकाल रहे हैं और यह नारा सोशल मीडिया पर इतनी तेजी से क्यों ट्रेंड कर रहा है। इस खबर में हम इसके पीछे की वजहें, विवाद की पृष्ठभूमि और देश भर में फैलते असर की जानकारी देंगे।
क्या है असली कहानी?
इस विवाद की शुरुआत यूपी के कानपुर से हुई, जहां 4 सितंबर को ‘बारावफात की रोशनी’ कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय ने सैयद नगर मोहल्ले, जफर वाली गली के सामने ‘I Love Muhammad’ का लाइट बोर्ड लगाया। पुलिस की FIR के मुताबिक, ऐसा बोर्ड पहले कभी नहीं लगाया गया था और उन्हें लगता है कि यह नई परंपरा जानबूझकर शुरू की गई है।
बोर्ड को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने
FIR के मुताबिक, स्थानीय लोग ‘I Love Muhammad’ बोर्ड का विरोध कर रहे थे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई। पुलिस ने समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया और बोर्ड को वहां से हटाकर दूसरी जगह लगाया। इस दौरान विरोध कर रहे लोगों को पुलिस ने मौके से हटाकर मामले को शांत कराया।
ऐसे शुरु हुआ विवाद?
दरअसल, विवाद की असली शुरुआत 5 सितंबर को हुई। FIR के मुताबिक, इस दिन मुस्लिम समुदाय ने रावतपुर गांव में हिंदू बस्ती से होते हुए जुलूस निकाला। रास्ते में कुछ अज्ञात युवकों ने हिंदू समुदाय के धार्मिक पोस्टर डंडों से फाड़ दिए। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत स्थिति को काबू में किया और जुलूस को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाया।
पुलिस के अनुसार, कुजू कबाड़ी, रावतपुर गांव में भी ‘I Love Muhammad’ का बैनर लगाकर नई परंपरा शुरू करने की कोशिश की गई। इससे वहां सांप्रदायिक टकराव और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
जानबूझकर तनाव फैलाने का आरोप
FIR के मुताबिक, पुलिस को इन दोनों घटनाओं की CCTV फुटेज 10 सितंबर को मिली। फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा गया कि घटना के दिन मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने जानबूझकर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, जिससे इलाके में अराजकता और सांप्रदायिक तनाव फैल सके।
15 लोगों पर FIR दर्ज
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और ने 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई। इसके बाद यह खबर फैल गई और देश भर में मुस्लिम समुदाय ने यूपी पुलिस के खिलाफ अपना गुस्सा जताया। इसके समर्थन में वे ‘I Love Muhammad’ लिखी तख्तियां लेकर जुलूस निकाल रहे हैं।
मामले पर सांसद असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री
मामले पर 15 सितंबर को AIMIM चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर पोस्ट लिखा। उन्होंने कानपुर जोन के ADG को टैग करते हुए कहा कि “‘I Love Muhammad’ कहना कोई जुर्म नहीं है। अगर है तो इसकी हर सजा मंज़ूर है।”
AIMIM चीफ ओवैसी ने जिस एक्स पोस्ट को शेयर किया, उसमें भी दावा किया गया था कि मुस्लिम पक्ष की ओर से कथित तौर पर नई परंपरा शुरू करने को लेकर पुलिस ने केस किया है.
बीती रात उन्नाव में बिगड़ा माहौल
बता दें कि इस मामले के बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और हैदराबाद समेत देश के कई शहरों में मुस्लिम समुदाय ‘I Love Muhammad’ के समर्थन में सड़कों पर जुलूस निकाल रहा है। बीती रात रविवार को यूपी के उन्नाव में भी माहौल तनावपूर्ण हो गया।





