नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन ने विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है। सहनी को बिहार की राजनीति में “सन ऑफ मल्लाह” के नाम से जाना जाता है। तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने के साथ ही महागठबंधन ने सामाजिक संतुलन साधने के लिए सहनी पर बड़ा दांव खेला है।
मछुआरे के बेटे से लेकर बॉलीवुड तक का सफर
मुकेश सहनी का जन्म 31 मार्च 1981 को दरभंगा जिले के सुपौल बाजार में एक मछुआरे परिवार में हुआ था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उन्होंने सपनों को नहीं छोड़ा। कहते हैं कि 19 साल की उम्र में वे बिना किसी सहारे मुंबई चले गए थे। शुरुआत में उन्होंने एक कॉस्मेटिक स्टोर में सेल्समैन की नौकरी की, लेकिन बाद में उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा और स्टेज डिजाइनर के रूप में पहचान बनाई। 2002 में उन्होंने शाहरुख खान की फिल्म देवदास का सेट डिजाइन किया था। बाद में उन्होंने अपनी खुद की कंपनी मुकेश सिनेवर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड शुरू की।
राजनीति में एंट्री और VIP पार्टी की शुरुआत
मुकेश सहनी ने 2015 के बिहार चुनाव में पहली बार राजनीतिक मंच पर कदम रखा, जब उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए प्रचार किया। 2018 में उन्होंने अपनी पार्टी विकासशील इंसान पार्टी (VIP) की स्थापना की। 2020 में उनकी पार्टी ने महागठबंधन के साथ चुनाव लड़ा, जबकि बाद में वे नीतीश सरकार में पशुपालन और मत्स्य पालन मंत्री बने। हालांकि, 2022 में राजनीतिक मतभेदों के कारण उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया था।
कितनी संपत्ति के मालिक हैं मुकेश सहनी?
2020 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के अनुसार, मुकेश सहनी की कुल संपत्ति 10.24 करोड़ रुपये थी। मुकेश सहनी खुद को मल्लाह समाज का नेता बताते हैं। यह समुदाय बिहार में लगभग 2.6% आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माना जाता है। अब तक यह वर्ग अधिकतर एनडीए के समर्थन में रहा है, लेकिन सहनी ने पिछले कुछ वर्षों में इसे अपने पाले में लाने की कोशिश की है। अगर सहनी महागठबंधन के साथ मल्लाह वोट बैंक को जोड़ने में सफल होते हैं, तो यह एनडीए के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।





