नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार में जैसे ही आज विधानसभा सत्र की शुरुआत हुई वैसे ही दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। जिस दौरान तेजस्वी यादव अपना संबोधन कर रहे थे तभी नीतीश कुमार ने उन्हें टोकते हुए पलटवार किया।
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने रिवीजन फॉर्म में मांगे जा रहे 11 डॉक्यूमेंट्स को लेकर सवाल किया, और वहीं राज्य सरकार को फिसड्डी तक कह दिया। इसपर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भड़क गए और उन्हें उनके माता-पिता के कार्यकाल पर झांकने की सलाह दे डाली। सीएम नीतीश ने तेजस्वी यादव के आरोपों पर कहा कि बात ये है कि सब लोगों को अपनी राय देना है इसपर अभी तो प्रक्रिया चल रही है। और अभी ये (तेजस्वी) बोल रहा है। इसपर तेजस्वी यादव ने गुस्से में कहा, उमरवा क्या है तुम्हारा ? नीतीश ने तेजस्वी को कहा कि, तुम्हारे पिता और माता मुख्यमंत्री थे, तब आप बच्चा थे। जब हम बने तो काम हुआ।
सीएम नीतीश कुमार ने आगे कहा, चुनाव लड़ना है तो अंड-बंड बोलते रहो। महिलाओं के लिए कितना किया, मुस्लिम के लिए कितना काम किया। बीच में साथ थे तो कितना बड़ाई कर रहे थे, जाओ चुनाव लड़ो बच्चा ना हो। एक समय था जब पटना में कोई शाम में नहीं निकलता था। हम तो जो काम किए हैं कि उसी को लेकर जनता के बीच जाएंगे। गौरतलब है कि, तेजस्वी यादव का कहना था कि संविधान में सभी को वोट देने का अधिकार है, संविधान ने सभी को समान अधिकार दिया है हम एसआइआर का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग की निष्पक्षता का हम खंडन करते है। तेजस्वी यादव ने कहा, अभी तक चुनाव आयोग प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं किया। 2003 में इसी SIR को पूरा करने के लिए 1/2 साल लगा था। लोकसभा चुनाव के बाद हो जाता ये प्रक्रिया। अभी तो बिहार में बारिश का समय है, आदमी कैसे भरेगा फॉर्म आधार को क्यों नहीं जोड़ रहे, राशन कार्ड क्यों नहीं जोड़ रहे हैं। चुनाव आयोग का काम है निष्पक्षता से चुनाव करवाना।
स्पीकर सदन छोड़कर बाहर गए
इस हंगामे के दौरान आरजेडी के विधायक भाई वीरेंद्र ने कुछ ऐसी टिप्पणी कर दी जिससे नाराज स्पीकर नंद किशोर यादव ने उनसे माफी मांगने की मांग की। हालांकि जब उनकी ओर से माफी नहीं मांगी गई तो स्पीकर सदन छोड़कर बाहर आ गए।




