नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में 4 अहम सीटों भभुआ, मोहनियां, रामगढ़ और करगहर के उम्मीदवारों का ऐलान किया गया है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि इस बार वह बिहार की राजनीति में अपनी पैठ जमाने के लिए दमदार और प्रभावशाली उम्मीदवारों पर दांव लगा रही है।
कौन-कौन उतरे मैदान में?
भभुआ सीट: विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल
मोहनियां (सुरक्षित) सीट: भोजपुरी गायक ओम प्रकाश दीवाना
रामगढ़ सीट: सतीश यादव उर्फ पिंटू यादव (RJD के पूर्व विधायक अंबिका यादव के बेटे)
करगहर सीट: उदय प्रताप सिंह (पूर्व मंत्री रामधनी सिंह के बेटे)
BSP की रणनीति
स्थानीय प्रभावशाली चेहरों पर भरोसा सामाजिक समीकरण और जातीय संतुलन को साधने की कोशिश क्षेत्रीय लोकप्रियता वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता रामगढ़ सीट पर BSP ने सतीश यादव को उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। वहीं, करगहर में पहले से ही उदय प्रताप सिंह की घोषणा पार्टी की गंभीर तैयारी का संकेत देती है। भोजपुरी सिंगर ओम प्रकाश दीवाना के मैदान में आने से मोहनियां में चुनावी रंग और चटख हो गया है। BSP की इस पहली लिस्ट से साफ है कि पार्टी अब बिहार की राजनीति में सिर्फ उपस्थिति दर्ज कराने नहीं, बल्कि मजबूत चुनौती पेश करने के मूड में है। आने वाले दिनों में बाकी उम्मीदवारों के नाम भी घोषित किए जाएंगे, जिससे चुनावी समीकरण और भी रोचक होने की संभावना है। बसपा की इस रणनीति से साफ है कि पार्टी बिहार में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए मजबूत और प्रभावशाली उम्मीदवारों पर दांव लगा रही है। इन उम्मीदवारों के चयन में स्थानीय प्रभाव, सामाजिक समीकरण और क्षेत्रीय लोकप्रियता को खास तौर पर ध्यान में रखा गया है। बसपा, जो पिछले कुछ चुनावों में बिहार में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थी, वह अब इन उम्मीदवारों के माध्यम से दलित, अति पिछड़ा और मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट करने का प्रयास कर सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बसपा की यह पहली सूची महागठबंधन (खासकर RJD) के लिए चिंता का विषय बन सकती है, क्योंकि वह उन सीटों पर मजबूती से उम्मीदवार उतार रही है, जहां RJD का पारंपरिक प्रभाव रहा है। आने वाले दिनों में बसपा की ओर से और उम्मीदवारों की घोषणा की उम्मीद है, जो बिहार के चुनावी समीकरण को और रोचक बना सकती है।





