back to top
30.1 C
New Delhi
Friday, March 13, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

कोरोना पर भारी पड़ी आस्था : रोक के बावजूद सोमवती अमावस्या मेले में श्रद्धालु पहुंचे चित्रकूट, लगाई कामदगिरि परिक्रमा

चित्रकूट, 12 अप्रैल (हि.स.)। देश में कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश शासन द्वारा भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट के चैत्र मास की सोमवती अमावस्या पर प्रतिबन्ध लगाया गया था। बावजूद इसके कोरोना पर आस्था भारी पड़ते नजर आयी। देश भर से हजारो श्रद्धालुओं ने रोक के बावजूद धर्म नगरी पहुंच मन्दाकिनी में आस्था की डुबकी लगाने के बाद कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा लगाई। भगवान श्री राम की तपोभूमि होने के कारण विश्व के करोड़ों हिन्दुओं की आस्था स्थली चित्रकूट में वैश्विक महामारी कोरोना से पूर्व सोमवती अमावस्या मेले में देश भर से 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं का चित्रकूट में जमावड़ा लगता रहा है। वहीं कोरोना महामारी के संक्रमण को दृष्टिगत रख, बचाव के उद्देश्य से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश शासन-प्रशासन ने चित्रकूट के सोमवती अमावस्या मेले को प्रतिबंधित कर दिया था। चित्रकूट जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल द्वारा मीडिया के माध्यम से श्रद्धालुओ से अमावस्या मेले में चित्रकूट न आने की अपील की गई थी। इसके बावजूद कोरोना पर धार्मिक आस्था भारी पड़ते नजर आयी। हजारों श्रद्धालुओ ने रोक के बावजूद चित्रकूट पहुंचकर पतित पावनी मन्दाकिनी में आस्था की डुबकी लगाने के बाद मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए तपती धूप में नंगे पैर कामदगिरि पर्वत की पंच कोसीय परिक्रमा लगाई। कामदगिरि प्रमुख द्वार के महंत मदन गोपाल दास महाराज का कहना है कि सोमवती अमावस्या चित्रकूट का प्रमुख मेला है। कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते पिछले वर्ष तो श्रद्धालुओं ने शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन कर घरों से ही भगवान कामतानाथ जी की पूजा अर्चना करने को तैयार हो गये थे। लेकिन इस सोमवती मेले में आस्था कोरोना पर भारी पड़ी। श्रद्धालुओं ने रोक के बावजूद चित्रकूट पहुंचकर भगवान कामतानाथ के दर्शन-पूजन कर मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए कामदगिरि पर्वत की पंचकोसीय परिक्रमा की। उन्होंने कहा कि मेले पर प्रतिबन्ध लगाने की बजाय शासन-प्रशासन द्वारा मेला परिक्षेत्र में कोरोना से बचाव के समुचित इंतजाम किये जाने चाहिए। वहीं चित्रकूट डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने बताया कि कोरोना की रोकथाम के मद्देनजर सोमवती मेला प्रतिबंधित किया गया है। लोगों से मेले में आ आने की गई है। परिक्रमा लगाने आये श्रद्धालु पप्पू का कहना है कि कोरोना से बचाव के उपाय कर चित्रकूट दर्शन के लिए आये है। चित्रकूट से लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है।भगवान की पूजा और आराधना से ही देश और समाज का भला होगा। हिन्दुस्थान समाचार/ रतन

Advertisementspot_img

Also Read:

spot_img

Latest Stories