नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार 17 मार्च को वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया। इस बजट में किसानों को बड़ी राहत देने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया है।
किसानों के लिए खुशखबरी, दूध की कीमतों में बढ़ोतरी
सरकार ने किसानों को राहत देते हुए दूध की कीमतें बढ़ाने की घोषणा की है। अब गाय के दूध की कीमत 45 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध की कीमत 55 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कम प्रसिद्ध स्थलों की खोज की जाएगी। कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 3000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय टूरिस्ट मैप पर लाया जा सके। बल्ह एयरपोर्ट का मामला भी एयरपोर्ट अथॉरिटी के समक्ष उठाया जाएगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई योजना
पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए “मुख्यमंत्री पर्यटन स्टार्टअप योजना” शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत जनजातीय क्षेत्रों में होटल व होमस्टे बनाने के लिए बैंक से लिए गए लोन पर पांच प्रतिशत और गैर-जनजातीय क्षेत्रों में चार प्रतिशत की ब्याज छूट दी जाएगी। चांशल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य में 50 नई सड़कों और पुलों का निर्माण नाबार्ड की मदद से किया जाएगा। मुख्यमंत्री सड़क योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
वन संरक्षण और पौधरोपण योजना
पर्यावरण संरक्षण के तहत 5000 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण किया जाएगा, जिसमें फलदार और औषधीय पौधे शामिल होंगे। “राजीव गांधी वन संवर्धन योजना” के तहत महिला मंडल और युवक मंडल को पौधरोपण की जिम्मेदारी दी जाएगी, जिसके लिए उन्हें सालाना 2.40 लाख रुपये दिए जाएंगे।
मत्स्य पालन और बागवानी में सुधार
एचपी शिवा परियोजना के तहत 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, 120 नई ट्राउट इकाइयां स्थापित की जाएंगी, जिससे 20,000 से अधिक मछुआरों और मछली पालक किसानों को लाभ होगा। बागवानी क्षेत्र के लिए 4000 हेक्टेयर भूमि का सर्वेक्षण किया जाएगा। सीएम सुक्खू ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान कम करने और जीएसटी मुआवजा रोकने के कारण यह वित्तीय वर्ष चुनौतियों से भरा रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का 70 प्रतिशत लोन पिछली सरकार के कार्यकाल का है, जिसका ब्याज चुकाने में बड़ी राशि खर्च हो रही है। सीएम ने अपने बजट भाषण में कहा कि यह बजट हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “यह बजट प्रदेश की प्रगति को गति देगा और आत्मनिर्भर हिमाचल की संकल्पना को साकार करेगा। हिमाचल बजट 2025 में किसानों, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी गई है। इस बजट से प्रदेश को आर्थिक मजबूती मिलने के साथ ही आम जनता को भी राहत मिलने की उम्मीद है।




