back to top
24.1 C
New Delhi
Thursday, March 12, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

‘शादी के बाद मैं भी जनसंख्या बढाऊंगा’ बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदुओं से 4 बच्चे करने की अपील की

पुष्कर में धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदुओं से चार बच्चे पैदा करने की अपील की है। ‘घर वापसी’ और अजमेर दरगाह को लेकर भी बयान दिया जिससे नई बहस छिड़ गई।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं की घटती आबादी को लेकर बड़ा बयान दिया है। तीन दिवसीय पुष्कर दौरे पर हनुमान कथा के दौरान उन्होंने कहा कि हिंदुओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करने चाहिए। उनका कहना था कि यह केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर का विषय है और यदि जनसंख्या संतुलन नहीं रहा तो देश के सामने गंभीर परिस्थितियां खड़ी हो सकती हैं। उनके इस बयान के बाद सियासी और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

‘शादी के बाद हम भी योगदान देंगे’

अपने अविवाहित होने पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए शास्त्री ने हल्के अंदाज में कहा कि अभी लोग उनसे उनके योगदान को लेकर सवाल करते हैं, लेकिन जब उनकी शादी होगी तो वे भी हिंदुओं की आबादी बढ़ाने में अपना योगदान देंगे। इससे पहले मोहन भागवत भी हिंदुओं को तीन बच्चे पैदा करने की सलाह दे चुके हैं। ऐसे में धीरेंद्र शास्त्री का बयान उसी बहस को आगे बढ़ाता नजर आया।

‘घर वापसी’ पर भी रखी राय

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भारतीय मुसलमानों की ‘घर वापसी’ के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि कई लोगों के पूर्वज हिंदू थे और यदि उन्हें यह समझ आ जाए तो वे वापस अपनी मूल परंपरा में लौट सकते हैं। इस संदर्भ में उन्होंने 1977 की चर्चित फिल्म अमर अकबर एंथनी का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे फिल्म में अंत में पारिवारिक पहचान सामने आती है, वैसे ही इतिहास को समझने की जरूरत है।

अजमेर शरीफ जाने पर दी सलाह

धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू श्रद्धालुओं से अजमेर शरीफ दरगाह न जाने और अपने धर्म का पालन करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि हर धर्म के लोगों को अपने-अपने मार्ग पर चलना चाहिए और सनातन धर्म में आस्था रखने वालों को अपने देवी-देवताओं की भक्ति में ही श्रद्धा रखनी चाहिए। गीता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अपने धर्म में स्थित रहकर जीवन जीना ही उचित है।

बयान से बढ़ी सियासी हलचल

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। समर्थक इसे सांस्कृतिक चेतना का आह्वान बता रहे हैं, तो आलोचक इसे समाज में विभाजन बढ़ाने वाला बयान करार दे रहे हैं। जनसंख्या और धार्मिक संतुलन का मुद्दा पहले भी सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा रहा है, लेकिन इस तरह की अपीलें अक्सर राजनीतिक बहस को तेज कर देती हैं।

Advertisementspot_img

Also Read:

छुट्टी रद्द होते ही GenZ कर्मचारी का अनोखा रिएक्शन, एयरपोर्ट से बोलीं- अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । सोचिए, आप फ्लाइट पकड़ने ही वाले हों और तभी ऑफिस से मैसेज आए कि आपकी छुट्टियां रद्द कर दी गई...
spot_img

Latest Stories

रेवती नाम का मतलब-Revati Name Meaning

Meaning of Revati / रेवती नाम का मतलब :...

Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि से पहले घर लाएं ये चीजें, दूर होंगी कंगाली

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। चैत्र नवरात्रि में माता रानी...

फारूक अब्दुल्ला पर हुई फायरिंग को लेकर टेंशन में गुलाम नबी आजाद, गंभीर जांच की मांग की

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बुधवार की रात जम्मू कश्मीर के...

पेट्रोल-डीजल और गैस की किल्लत पर सरकार का एक्शन, अमित शाह की अध्यक्षता में कमिटी बनाई

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई...

गर्मियां शुरू होने से पहले घूम आएं ये जगहें, मार्च में घूमने के लिए हैं बेस्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। मार्च के महीने में न...

इच्छामृत्यु पर बनी इन फिल्मों को देखकर रह जाएंगे हैरान, जानिए लिस्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आपको बता दें कि, इस...