back to top
29.1 C
New Delhi
Wednesday, March 18, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

हाईकोर्ट ने कार्यस्थल पर उत्पीड़न के मामले में अधिकारी की सुलह संबंधी याचिका खारिज की

नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक सरकारी कार्यालय में एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा एक महिला को कार्यस्थल पर कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने के संबंध में दर्ज एक प्राथमिकी को रद्द कर सुलह के लिए दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की पीठ ने हाल ही में पारित एक आदेश में कहा, यह अदालत सुलह के आधार पर संबंधित प्राथमिकी को रद्द करने की इच्छुक नहीं है और याचिका के निपटान से पहले उचित जांच के बाद संबंधित डीसीपी के हस्ताक्षर के तहत एक विस्तृत स्थिति रिपोर्ट पेश करना उचित होगा। साउथ एवेन्यू थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, याचिकाकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि कार्यालय में आरोपी उप महानिदेशक उसे बार-बार फोन करता था, बेवजह बात करता था और गलियारे में उसका पीछा करता था। उसने उससे शादी करने या उसकी प्रेमिका बनने के लिए कहा। जब शिकायतकर्ता महिला ने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया, तो याचिकाकर्ता ने उसे हर घंटे फोन करना और मैसेज भेजना शुरू कर दिया। जब शिकायतकर्ता ने वरिष्ठ अधिकारी को घटनाओं के बारे में बताया और कार्रवाई की मांग की, तब कहा गया कि उस अधिकारी का जल्द ही तबादला कर दिया जाएगा और उसे शिकायत नहीं देनी चाहिए। इस बीच, अधिकारी (याचिकाकर्ता) को पदोन्नत कर मुरादनगर तबादला कर दिया गया। शिकायतकर्ता महिला के मुताबिक, उसने सोचा कि शायद अब वह उसे परेशान नहीं करेगा, हालांकि उत्पीड़न तब भी जारी रहा। दिसंबर 2017 में महिला को अचानक वेतन बिल में इस आधार पर कटौती मिली कि उसने बहुत सारी छुट्टियां ली हैं। इसके बाद उस पर अपना केस वापस लेने का दबाव डाला गया और कहा गया कि बदले में आरोपी उसे पैसे देगा। महिला ने जांच अधिकारी को आरोपी से मिले मैसेजों के स्क्रीनशॉट की प्रतियां भी सौंप दी हैं। उसने आगे कहा कि उसे परेशान करने के लिए जिस तारीख को बायोमीट्रिक हाजिरी मशीन काम नहीं कर रही थी, उसके द्वारा ली गई छुट्टियों के रूप में गिना गया था। उसके वेतन से अब तक एक 19,000 रुपये काटे गए हैं और 96,000 रुपये अभी भी प्रतिवादी के खिलाफ बकाया हैं। अदालत ने एक विस्तृत स्थिति रिपोर्ट मांगी, जो मामले की उचित जांच करने के बाद संबंधित डीसीपी के हस्ताक्षर के तहत दायर की जाएगी। मामले में आगे की सुनवाई 24 मार्च को होगी। –आईएएनएस एसजीके/एएनएम

Advertisementspot_img

Also Read:

क्या लोक अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में दी जा सकती है चुनौती? जानें कब मिलती है राहत और कौन से मामले नहीं...

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। लोक अदालत का फैसला आमतौर पर अंतिम माना जाता है, क्योंकि यह दोनों पक्षों की सहमति से होता है। हालांकि कुछ...
spot_img

Latest Stories

वृत्तिका नाम का मतलब-Vrittika Name Meaning

Vrittika Name Meaning वृत्तिका नाम का मतलब : Light...

एक दिन में कितनी कमाई करती है भारत सरकार? जानिए सालभर की कमाई का पूरा हिसाब

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारत दुनिया की सबसे तेजी से...

सिर्फ 2 गेंदों में हैट्रिक? यह भारतीय गेंदबाज कर चुका है हैरतअंगेज कारनामा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। IPL 2026 सीजन की शुरुआत होने...

Chaitra Navratri पर दिल्ली के इन जगहों से करें सबसे बढ़िया शॉपिंग? जानिए सारी जानकारी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। चैत्र का महीना शुरू होने...

राजनीति में कभी फुल स्टॉप नहीं होता, खरगे के बयान पर PM मोदी ने की तारीफ

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। राज्यसभा में विदाई समारोह के दौरान...

The Kerala Story 2 ने दिखाया कमाल, बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पंहुचा 50 करोड़ के पार

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। 'द केरल स्टोरी' (The Kerala...