नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । त्योहारों का मौसम आते ही हवाई टिकटों की कीमतें बढ़कर यात्रियों की जेब पर भारी पड़ने लगती हैं। दीपावली और छठ जैसे उत्सवों में हर साल किराए आसमान छूते हैं, लेकिन इस बार लगता है कि यात्रियों के लिए कुछ राहत की हवा बहने वाली है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने रविवार को बयान जारी करते हुए कहा कि एयरलाइन कंपनियां प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त उड़ानों संचालित करेंगी, ताकि त्योहारों के दौरान हवाई किराए में तेजी को रोका जा सके और यात्रियों को राहत मिल सके। वहीं, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हवाई किराए की निगरानी और अनावश्यक बढ़ोतरी रोकना सीधे DGCA की जिम्मेदारी है।
एयरलाइन कंपनियों से हुई चर्चा
DGCA ने एयरलाइनों के साथ हुई बैठक को उत्साहजनक बताया। अधिकारियों के अनुसार, एयरलाइनों ने त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त उड़ानें चलाने का भरोसा दिया है, जिससे महंगे किराए की चिंता कम होगी और सफर सस्ता व आरामदायक बनेगा।
फिलहाल कई उड़ाने संचालित
आंकड़ों के अनुसार, IndiGo 42 सेक्टरों में लगभग 730 अतिरिक्त उड़ानें, Air India और Air India Express 20 सेक्टरों में 486 अतिरिक्त उड़ानें, और SpiceJet 38 सेक्टरों में 546 अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी। इससे त्योहारों के दौरान किराए की बढ़ोतरी को काबू में रखने में मदद मिलेगी और यात्रियों को सामान्य किराए पर यात्रा करने का अवसर मिलेगा।
एयरलाइनों की उड़ानों पर सख्त निगरानी रखेगा DGCA
अक्टूबर से दिसंबर तक भारत में यात्रा का पीक सीजन रहता है, जिससे कई रूट्स पर भारी भीड़ और टिकटों की कीमतों में उछाल देखने को मिलता है। इस बार DGCA ने स्पष्ट किया है कि एयरलाइनों की उड़ानों और हवाई किराए पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि यात्रियों को समय पर और सस्ती टिकटें मिल सकें।
एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय एयरलाइंस अक्टूबर में 22,945 घरेलू उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही हैं, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 2.1 प्रतिशत कम हैं।
हवाई किराए बढ़ने का मुख्य कारण
भारत में त्योहारी सीजन के दौरान लोग अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाने के लिए बड़ी संख्या में यात्रा करते हैं। दीपावली और छठ जैसे पर्वों के समय यात्रा की मांग कई गुना बढ़ जाती है, और मांग अधिक होने तथा उड़ानों की संख्या सीमित होने के कारण टिकटों की कीमतें आसमान छूने लगती हैं।
हालांकि, इस साल DGCA और एयरलाइनों की संयुक्त पहल से उम्मीद है कि यात्रियों को महंगे टिकटों से राहत मिलेगी और वे सामान्य किराए पर यात्रा कर सकेंगे।





