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Friday, March 13, 2026
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​​हिन्द महासागर में खत्म हुआ भारत-अमेरिका का संयुक्त अभ्यास

– समुद्री क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देना था अभ्यास का उद्देश्य – तीनों सेनाओं ने संयुक्त अभ्यास के दौरान युद्ध कौशल निखारने का प्रयास किया नई दिल्ली, 24 जून (हि.स.)। हिन्द महासागर क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच दो दिनों तक चला एकीकृत अभ्यास गुरुवार को खत्म हो गया। अमेरिकी नौसेना के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप रोनाल्ड रीगन के साथ भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना के इस संयुक्त अभ्यास का मकसद समुद्री क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देना था। साथ ही नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने में भागीदार नौसेनाओं के रूप में साझा मूल्यों का प्रतीक भी था जिसका उल्लेख इस साल मार्च में क्वाड शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। भारतीय नौसेना के जहाजों, हेलीकॉप्टरों और भारतीय वायु सेना के जेट विमानों ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन पैसेज अभ्यास में भाग लिया। दो दिवसीय अभ्यास में भारतीय वायुसेना के विमानों जगुआर और सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान, अवाक्स, एईडब्ल्यूएंडसी और एयर टू एयर रिफ्यूलर एयरक्राफ्ट टैंकर एएल-78 शामिल हुए। भारतीय नौसेना के जहाज कोच्चि और तेग, हेलीकॉप्टर पी-8आई, मिग 29के, डोर्नियर 228 और चेतक ने भी पैसेज अभ्यास में भाग लिया।अमेरिकी नौसेना के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ संयुक्त बहु-डोमेन संचालन में विमानवाहक पोत रोनाल्ड रीगन, अर्ले बर्क क्लास गाइडेड मिसाइल विध्वंसक यूएसएस हैल्सी और यूएसएस शिलोह भी शामिल हुआ। इसके अलावा अभ्यास में अमेरिकी सीएसजी की ओर से एफ-18 लड़ाकू विमान, एमएच-60 रोमियो हेलीकॉप्टर और ई-2सी हॉकआई एईडब्ल्यूएंडसी विमान भी उतारे गए। दोनों देशों के बीच हुए इस अभ्यास का उद्देश्य समुद्री संचालन में अंतर-संचालन को बढ़ावा देकर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना भी था। अभ्यास के दौरान उच्च गति के संचालन में उन्नत वायु रक्षा अभ्यास, क्रॉस-डेक हेलीकॉप्टर संचालन और पनडुब्बी रोधी अभ्यास शामिल रहा है। एकीकृत अभ्यास के दौरान पहले दिन भारतीय वायुसेना, भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के विमानों ने संयुक्त फ्लाईपास्ट किया। दो दिवसीय अभ्यास के दौरान समुद्री संचालन में व्यापक रूप से एकीकृत और समन्वय करने की क्षमता का प्रदर्शन करके उच्च गति संचालन, द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को मजबूत करना रहा है। तीनों सेनाओं ने अभ्यास के दौरान युद्ध कौशल को निखारने, समुद्री क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए एक एकीकृत बल के रूप में अपनी अंतःक्रियाशीलता बढ़ाने का प्रयास किया। अभ्यास खत्म होने के बाद आज यूएसएस रोनाल्ड रीगन के ट्विटर हैंडल से कहा गया कि यूएस नेवी का एकमात्र फॉरवर्ड-डिप्लॉयड एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस रोनाल्ड रीगन (सीवीएन-76) ने हिन्द महासागर में भाप ली है। कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 5 का प्रमुख रोनाल्ड रीगन एक युद्ध-तैयार बल प्रदान करता है जो संयुक्त राज्य अमेरिका की रक्षा और बचाव करता है। साथ ही साथ हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में अपने सहयोगियों और भागीदारों के सामूहिक समुद्री हितों की रक्षा करता है। अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से ट्विट करके कहा गया कि यूएसएस रोनाल्ड रीगन के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ने भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के साथ हिन्द महासागर में संयुक्त अभ्यास में भाग लिया है। हमारी सेनाएं स्वतंत्र, खुले, सुरक्षित और समृद्ध हिन्द-प्रशांत को बनाए रखने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत

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