back to top
27.1 C
New Delhi
Tuesday, April 7, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

मैं थक गई हूं, डरी हुई हूं…कुलदीप सेंगर की बेटियों ने 8 साल बाद चुप्पी तोड़ी, न्याय व्यवस्था को घेरा

कुलदीप सेंगर की बेटियों ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखकर 8 साल की चुप्पी तोड़ी। उन्होंने अपने परिवार पर बीत रही व्यथा को बताया।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उन्नाव रेप केस से जुड़े घटनाक्रम ने एक बार फिर देश की न्याय व्यवस्था, सामाजिक संवेदनशीलता और संस्थानों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बार सुर्खियों में हैं सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की छोटी बेटी डॉक्टर इशिता सेंगर, जिन्होंने आठ साल की चुप्पी के बाद सोशल मीडिया पर अपना दर्द सार्वजनिक किया है।

यह विश्वास धीरे-धीरे डगमगाने लगा है-इशिता


इशिता सेंगर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि उन्होंने और उनके परिवार ने बीते आठ साल न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखते हुए खामोशी ओढ़े रखी। उनका मानना था कि अगर वे कानून और संविधान पर विश्वास करेंगे, तो सच अपने आप सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी चुप्पी कमजोरी नहीं थी, बल्कि संस्थानों पर भरोसे का परिणाम थी। हालांकि अब वह खुद को थकी हुई, डरी हुई और टूटती हुई महसूस कर रही हैं, क्योंकि उनका यह विश्वास धीरे-धीरे डगमगाने लगा है।

”भाजपा विधायक की बेटी लेबल तक सीमित कर दी गई”


इशिता ने अपने पोस्ट में बताया कि उनकी पहचान अब सिर्फ भाजपा विधायक की बेटी के एक लेबल तक सीमित कर दी गई है, मानो उनकी अपनी कोई इंसानियत, सम्मान या अधिकार ही न हो। उन्होंने खुलासा किया कि सोशल मीडिया पर उन्हें बार-बार यह कहा गया कि उन्हें जीने का कोई हक नहीं है, यहां तक कि उनके साथ बलात्कार और हत्या जैसी अमानवीय बातें भी कही गईं। उन्होंने लिखा कि यह नफरत काल्पनिक नहीं, बल्कि रोजमर्रा की सच्चाई बन चुकी है, जिसने उन्हें भीतर से तोड़ दिया है।

चुप्पी की कीमत


उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार ने न तो प्रदर्शन किए, न टीवी डिबेट में शोर मचाया और न ही सोशल मीडिया ट्रेंड चलाए। वे इस विश्वास के साथ इंतजार करते रहे कि सच को तमाशे की जरूरत नहीं होती। लेकिन इस चुप्पी की कीमत उन्हें अपमान, गालियों, आर्थिक और मानसिक थकान के रूप में चुकानी पड़ी। उन्होंने दावा किया कि वर्षों तक वे अधिकारियों, संस्थानों और मीडिया के दरवाजे खटखटाते रहे, लेकिन उनकी बात किसी ने नहीं सुनी, क्योंकि उनका “सच किसी के काम का नहीं था।

‘देश की न्याय व्यवस्था पर विश्वास करना चाहती हैं’


इशिता सेंगर ने अपने पोस्ट में डर का भी जिक्र किया। उन्होंने अपील की कि कानून को बिना दबाव के काम करने दिया जाए और सच्चाई को लोकप्रियता के चश्मे से नहीं, बल्कि सबूतों के आधार पर देखा जाए। उन्होंने साफ किया कि वह यह पत्र न सहानुभूति पाने के लिए लिख रही हैं, न किसी को धमकाने के लिए, बल्कि इसलिए क्योंकि वह अब भी इस देश की न्याय व्यवस्था पर विश्वास करना चाहती हैं।

आरोप बेहद गंभीर हैं


गौरतलब है कि उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर को 2019 में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत देने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए कहा कि आरोप बेहद गंभीर हैं और ऐसे अपराधी को किसी भी सूरत में जमानत नहीं मिलनी चाहिए।

Advertisementspot_img

Also Read:

दिल्ली HC ने उत्तम नगर में ईद पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम के आदेश दिए, तरुण हत्याकांड के बाद तनावग्रस्त है इलाका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। होली के दिन 4 मार्च को उत्तम नगर में माहौल उस समय गर्म हो गया जब आपसी विवाद में दो अलग...
spot_img

Latest Stories

Jamuria Seat पर त्रिकोणीय मुकाबला, जानें किसके पक्ष में है सियासी समीकरण

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल की Jamuria Seat विधानसभा...

Virat Kohli और Anushka Sharma ने किया Dhurandhar 2 का शानदार रिव्यू, शेयर किया पोस्ट

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आदित्य धर (Aditya Dhar) के...

मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में वेज खाने में मीट मिलने पर बवाल, प्रशासन ने होटल को किया सील

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵