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Thursday, March 19, 2026
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One Nation One Election लागू हुआ तो पहला जॉइंट इलेक्शन कब होगा?

अगर मोदी सरकार वन नेशन वन इलेक्शन को लागू करने में सफल हो जाती है तो देश में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराने में कुछ समय लग सकता है। इसका बड़ा कारण हम इस खबर में जानेंगे।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। एक देश एक चुनाव(One nation One Election) को लेकर मोदी कैबिनेट ने एक विधेयक को मंजूरी दे दी है। मोदी सरकार संसद के इसी शीतकालीन सत्र में One nation One Election विधेयक को पेश कर सकती है। मोदी सरकार संसद में इसपर सभी पार्टियों से सुझाव लेने के लिए जेपीसी (Joint Parliamentary Committee) का गठन भी कर सकती है। लेकिन अब सबके मन में एक सवाल जरूर आ रहा होगा कि देश में लोकसभा और राज्यसभा के चुनाव एक साथ कब होंगे?

वन नेशन वन इलेक्शन को लागू करना इतना आसान नहीं

मोदी सरकार के लिए वन नेशन वन इलेक्शन को लागू करना इतना आसान नहीं है, क्योंकि इसके लिए मोदी सरकार को संविधान में संशोधन करने के लिए कम से कम छह विधेयक लाने होंगे। लेकिन इसके लिए मोदी सरकार को संसद में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत पड़ेगी। बता दें कि राज्यसभा में NDA के पास 112 और विपक्ष के पास 85 सीटें हैं। मोदी सरकार को राज्यसभा में दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता पड़ेगी, जिसके हिसाब से उसे 164 वोटों की जरूरत पड़ेगी। इसी तरह से लोकसभा में NDA के पास 292 सीटें हैं और मोदी सरकार को लोकसभा में दो-तिहाई के आकड़े को पूरा करने के लिए 364 सीटों की आवश्यकता होगी।

लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कब होंगे?

अब सबसे बड़ा सवाल यह आता है कि अगर मोदी सरकार इस विधेयक को संसद में पारित करा लेती है तो देश में वन नेशन वन इलेक्शन के तहत लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कब होंगे? मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस विधेयक के पारित हो जाने के बाद लोकसभा और विधानसभा के चुनाव 2034 में एक साथ कराए जा सकते हैं। अगर यह विधेयक बिना संशोधन के पारित हो जाता है तो नियत तारीख 2029 में निर्वाचित होने वाली लोकसभा की पहली बैठक के दौरान ही अधिसूचित की जाएगी। बता दें कि नियत तारीख की बैठक में ही इस तरह के फैसलों पर निर्णय लिया जाता है।

इसबार निर्वाचित लोकसभा की नियत तारीख की बैठक पहले ही बीत चुकी है और अगली लोकसभा 2029 का पूरा कार्यकाल वर्ष 2034 तक होगा। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग को भी पूरे देश में एकसाथ सफलतापूर्वक चुनाव कराने से पहले काफी तैयारी करनी होगी, उसको EVM मशीन खरदीने से लेकर कई महत्वपूर्ण कार्य करने होंगे। इस हिसाब से देश में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव 2034 से पहले एकसाथ कराना संभव नहीं है। किसी तरह की भी तरह की जल्दबाजी व्यवस्था में गलतियां भी पैदा कर सकती है।  

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