नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । आधार कार्ड को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) से जोड़ने की कोशिश में असम सरकार ने बुधवार को बड़ा फैसला लिया। यदि आवेदक या उसके परिवार के सदस्यों ने NRC के लिए आवेदन नहीं किया है तो भाजपा शासित राज्य में विशिष्ट पहचान पत्र के सभी आवेदन खारिज कर दिए जाएंगे। एक प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि कैबिनेट बैठक के यह निर्णय इसलिए लिया गया है कि बांग्लादेश के नागरिकों द्वारा असम में लगातार घुसपैठ के प्रयास किए जा रहे है।
पिछले दो महीनों में कई घुसपैठियों को पकड़ा
सीएम ने कहा, असम पुलिस, त्रिपुरा पुलिस और BSF ने पिछले दो महीनों में कई घुसपैठियों को पकड़ा है। इसलिए बांग्लादेश से घुसपैठ हमारे लिए चिंता का विषय है। हमें अपने सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत है और इसीलिए हमने आधार कार्ड सिस्टम को और सख्त बनाने का फैसला किया है।’ सरमा ने कहा कि अब से, राज्य सरकार का सामान्य प्रशासन विभाग आधार आवेदकों के सत्यापन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा, प्रत्येक जिले में एक अतिरिक्त जिला आयुक्त को नामित अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
NRC के लिए आवेदन नही किया तो आधार कार्ड होगा खारिज
सीएम ने कहा, अगर NRC के लिए कोई आवेदन नहीं है, तो आधार अनुरोध तुरंत खारिज कर दिया जाएगा और इसके अनुसार केंद्र को एक रिपोर्ट सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा, “अगर यह पाया जाता है कि NRC के लिए आवेदन किया गया था, तो CO सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार फील्ड-स्तरीय सत्यापन के लिए जाएंगे। अधिकारी के पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद आधार को मंजूरी दे दी जाएगी।’
नई अधिसूचना केंद्र के कर्मचारियों पर लागू नहीं होगी
उन्होंने कहा, सरमा ने कहा कि यह नई अधिसूचना उन केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर लागू नहीं होगी जो दूसरे राज्यों में काम कर रहे थे और एनआरसी के लिए आवेदन नहीं किया था. “इस प्रकार, हम अपनी आधार जारी करने की प्रणाली को मजबूत करने के लिए एक सख्त तंत्र लागू करेंगे ताकि कोई भी संदिग्ध इस पहचान पत्र को प्राप्त न कर सके।
उल्लेखनीय है कि 31 अगस्त, 2019 को जारी अंतिम NRC में 19,06,657 आवेदक शामिल नहीं थे कुल 3,30,27,661 आवेदकों में से 3,11,21,004 नाम शामिल थे। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि संकटग्रस्त बांग्लादेश के नागरिकों द्वारा घुसपैठ के प्रयास को देखते हुए कैबिनेट बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया।





