नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोलकाता रेप-हत्या मामले की जांच जब से सुप्रीम कोर्ट ने CBI को सौंपी है तब से रोज इस मामले में कुछ न कुछ खुलासे हो रहे हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक CBI ने बताया कि यह कहना मुश्किल है कि गैंगरेप हुआ है। DNA रिपोर्ट की फाइडिंग इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि रेप और हत्या का आरोपी एक ही है। CBI ने माना कि अस्पताल प्रशासन के प्रमुख होने के नाते संदीप घोष से इस मामले में चूक हुई है।
गैंगरेप की पुष्टी नहीं
शुरुआती जांच में महिला डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद 150 ग्राम सीमन मिलने की बात सामने आई थी, जिसके आधार पर डॉक्टर के माता पिता ने गैंगरेप होने की बात कही थी। माता पिता की मांग के बाद डीएनए जांच की गई थी। डीएनए की फाइंडिंग का हवाला देते हुए सीबीआई ने स्टेटस रिपोर्ट पेश करते हुए इस बात पर जोर दिया कि रिपोर्ट से गैंगरेप की पुष्टी नहीं। इस पूरे मामले में केवल एक की शख्स की संलिप्तता है, हालांकि जांच अभी जारी है।
लंबी पूछताछ के बाद संदीप घोष की गिरफ्तारी संभव
CBI इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है, लिहाजा संदीप घोष से CBI हर संभव एंगल से पूछताछ कर रही है। मौका ए वारदात से सबूतों से छेड़छाड़ से लेकर मामले में बरती लापरवाही तक सभी सवालों के जवाब ढूंढने में लगी है। संभव है कि गहन पूछताछ के बाद CBI संदीप घोष को गिरफ्तार कर सकती है।
कोलकाता पुलिस पर भड़के जस्टिस पारदीवाला
मामले की सुनवाई के दौरान CBI ने कोर्ट को बताया कि कोलकाता पुलिस ने अंतिम संस्कार के बाद FIR दर्ज की है। इसपर जस्टिस पारदीवाला भड़क गए और कोलकाता पुलिस को लताड़ लगाते हुए बोले- ‘मैनें 30 सालों में ऐसी लापरवाही नहीं देखी।’




