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Friday, March 13, 2026
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Lateral Entry को लेकर बैकफुट पर केंद्र सरकार, पत्र जारी कर lateral entry पर लगाई रोक, बताई वजह…

केंद्र सरकार ने लेटरल एंट्री के विज्ञापन पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इस संबंध में कार्मिक मंत्री जितेंद्र सिंह ने UPSC के चेयरमैन को पत्र लिखा है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। UPSC में लेटरल एंट्री को लेकर छिड़े राजनीतिक घमासान के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने लेटरल एंट्री के विज्ञापन पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इस संबंध में कार्मिक मंत्री जितेंद्र सिंह ने UPSC के चेयरमैन को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर सीधी भर्ती के विज्ञापन पर रोक लगाई जाए। कार्मिक मंत्री ने पत्र में लिखा कि सरकार ने यह फैसला लेटरल एंट्री के व्यापक पुनर्मूल्यांकन के चलते लिया है।

सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के सामान होना चाहिये लेटरल एंट्री

इस पत्र में कहा गया है कि लेटर एंट्रीज 2014 से पहले की थी और पहले ये एडहॉक स्तर पर किया गया था। पीएम मोदी का विश्वास है कि लेटरल एंट्री, हमारे संविधान में निहित समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के समान होनी चाहिये। विशेष रूप से आरक्षण में कोई छेड़छाड़ नहीं होना चाहिये।

UPA सरकार पर साधा निशाना

पत्र में बताया गया है कि लेटरल एंट्री का कॉन्सेप्ट 2005 में आया था और इसे UPA सरकार लेकर आई थी। 2005 में जब लेटरल एंट्री का प्रस्ताव आया था तो वीरप्पा मोइली की अगुवाई में प्रशासनिक सुधार आयोग बनाया गया था।  

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- संविधान की ताकत तानाशाही को हरा सकती है

केंद्र सरकार के द्वारा UPSC में लेटरल एंट्री के विज्ञापन पर रोक लगाने के आदेश पर कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि संविधान जयते। हमारे दलित, आदिवासी, पिछड़े और कमजोर वर्गों के सामाजिक न्याय के लिए कांग्रेस ने ये लड़ाई लड़ी और बीजेपी के मंसूबों पर पानी फेरा है। लेटरल एंट्री पर मोदी सरकार की चिट्ठी ये बता रही है कि तानाशाही सत्ता के अहंकार को संविधान की ताकत हरा सकती है। 

जयराम नरेश ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

वहीं इस संबंध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि एक नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री के तहत काम कर रहे केंद्रीय मंत्री का संवैधानिक अथॉरिटी को लिखा पत्र, जिसपर कोई डेट नहीं है। क्या सरकार है ये ?

UPSC ने 45 पदों को लेटरल एंट्री से भरने के लिए निकाला था विज्ञापन

गौरतलब है कि संघ लोक सेवा आयोग ने शनिवार को 45 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन दिया था। जिसमें 10 संयुक्त सचिव और 35 निदेशक/उपसचिव के पद शामिल थे। इन्हें अनुबंध के आधार पर लेटरल एंट्री के माध्यम से भरा जाना था। जिसका राहुल गांधी ने विरोध करते हुए कहा कि लेटरल भर्ती, प्रशासनिक ढांचे और सामाजिक न्याय को चोट पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि इस देश विरोधी कदम का INDIA गठबंधन खुलकर विरोध करेगा।

INDIA ब्लॉक ने किया विरोध

जिसके बाद INDIA गठबंधन के अन्य नेता भी राहुल गांधी के समर्थन में आकर लेटरल एंट्री का विरोध करना शुरू कर दिया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने विरोध करते हुए कहा कि बाबा साहब के संविधान एवं आरक्षण की धज्जियां उड़ाना बताया है।

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