नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बीते हफ्ते मणिपुर (Manipur Violence) के जिरीबाम इलाके में बराक नदी में नग्न महिला और एक बच्ची समेत 6 लोगों के शव मिले थे। इस घटना के बाद एक बार फिर हिंसा की आग में झुलस गया। इसके बाद इंफाल मे लोगों का गुस्सा नेताओं के घरों पर निकला। गुस्साई भीड़ ने 9 बीजेपी समेत 13 विधायकों के घरों को आग के हवाले कर दिया। मामले की गंभीरता को देखकर केंद्रीय गृह मंत्री ने गढ़चिरौली में होने वाली सभा को रद्द कर दिया था और दिल्ली वापस आकर सोमवार सुबह हाई लेवल मीटिंग बुलाई है। इस बैठक में पूर्वोत्तर मामलों की देखरेख में लगे सभी सीनियर अधिकारी और राज्य के संबंधित अधिकारी शामिल होंगे।
पुलिस की गिरफ्त में 25 उग्रवादी
राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाए जाने के बाद मणिपुर पुलिस हरकत में आई। पुलिस के माध्यम से मिली जानकारी के अनुसार इंफाल से 25 उग्रवादियों को पुलिस ने गिरफ्त में लिया है। गिरफ्तार किए गए उग्रवादियों के पास से गोला-बारूद और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मणिपुर में लगातार हिंसा का दौर देखते हुए बीजेपी के सहयोगी दल नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया। NPP और अन्य सहयोगी दल लगातार राज्य में शांति बहाली की मांग कर रहे हैं।
एक्शन में दिखे गृह मंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को महाराष्ट दौरे पर पहुंचे थे जहां वे चुनावी रैली रद्द करके दिल्ली वापल लौट गए थे। आज सोमवार को गृह मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई है। हालांकि रविवार को भी अमित शाह ने सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया था और संबंधित आधिकारियों को दंगाईओं से निपटने के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए कहा है। गृह मंत्री के आदेश पर विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षा बलों ने इलाके में फ्लैग मार्च किया।




