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Tuesday, March 17, 2026
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वायनाड से चुनाव लड़ेंगी प्रियंका गांधी? राहुल ने सीट छोड़ी नहीं लेकिन अभी से लग गए हैं पोस्टर

राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2024 में दो सीटों रायबरेली और वायनाड से जीत हासिल की है। आने वाले दिनों में उन्हें दोनों में से एक सीट छोड़नी पड़ेगी।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। लोकसभा चुनाव 2024 संपन्न हो चुके हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस चुनाव में दो सीटों पर जीत दर्ज की है। वायनाड और रायबरेली। आने वाले दिनों में राहुल को दोनों में से एक सीट छोड़नी होगी। चुनाव नतीजों के बाद उन्होंने कहा था कि अभी उन्होंने फैसला किया नहीं है कि कौन सी सीट छोड़ेंगे। पहले खबर ये थी राहुल गांधी रायबरेली छोड़ देंगे और उनके बाद प्रियंका गांधी अपने परिवार की पारंपरिक सीट से चुनाव लड़ेंगी। हालांकि, वायनाड में प्रियंका गांधी के समर्थन में पोस्टर लगा दिए गए हैं।

NDTV ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि अगर राहुल गांधी वायनाड सीट छोड़ते हैं तो वहां होने वाले उपचुनाव में प्रियंका गांधी कांग्रेस की उम्मीदवार हो सकती हैं। इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि अगर उनकी बहन यानी प्रियंका वाराणसी सीट से नरेंद्र मोदी के खिलाफ खड़ी होतीं तो मोदी दो-तीन लाख वोट के अंतर से हार गए होते।

लंबे समय से हो रही है प्रियंका गांधी को चुनाव लड़ाने की मांग

प्रियंका गांधी कब चुनाव लड़ेंगी? ये सवाल लंबे समय से उठ रहा है। साल 2019 में खबर आई थी कि प्रियंका गांधी वाराणसी सीट पर नरेंद्र मोदी के खिलाफ दावा ठोकेंगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान जब प्रियंका गांधी को यूपी की कमान दी गई तब भी खबरें आईं कि प्रियंका गांधी चुनाव लड़ सकती हैं। तब प्रियंका ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा भी था कि वो तो मुख्यमंत्री पद की दावेदार बन सकती हैं। वहीं, 2024 के चुनाव से पहले जब सोनिया गांधी रायबरेली छोड़कर राज्यसभा सांसद बनीं तब भी कयास लगाए गए कि प्रियंका रायबरेली से चुनाव लड़ेंगी। लेकिन कांग्रेस ने आखिरी पल तक सस्पेंस बनाए रखा। आखिर में अमेठी से कांग्रेस ने किशोरीलाल शर्मा पर भरोसा जताया, वहीं रायबरेली में राहुल गांधी खुद मैदान में उतरे। तब प्रियंका गांधी ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। 

फैसला नहीं कर पा रहे हैं राहुल

राहुल गांधी के लिए वायनाड और रायबरेली दोनों ही सीटें जरूरी हैं और दोनों ही सीटें किसी न किसी तरह से उनके करीब भी है। 2019 में जब अमेठी ने उन्हें हराकर स्मृति ईरानी को जिताया था तब वायनाड से राहुल गांधी लोकसभा पहुंचे थे। दूसरी तरफ रायबरेली की सीट के साथ उनके परिवार का लंबा इतिहास रहा है। ऐसे में दोनों में से किसी भी सीट को छोड़ना राहुल के लिए आसान नहीं होगा। हालांकि, देश की राजनीति में यूपी का पलड़ा हमेशा से भारी रहा है, इसे देखते हुए माना जा रहा है कि राहुल रायबरेली सीट को चुनेंगे।

अमेठी में स्मृति ईरानी को हराने वाले किशोरीलाल शर्मा ने भी राहुल गांधी को रायबरेली सीट अपने पास रखने का सुझाव दिया है। वहीं केरल के PCC चीफ के सुधाकरण ने भी कहा है कि राहुल गांधी को रायबरेली सीट अपने पास रखनी चाहिए। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी को देश का नेतृत्व करना है, ऐसे में अगर वो वायनाड छोड़ते हैं तो हमें दुखी नहीं होना चाहिए। हम उनसे वायनाड में ही रहने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं।”

राहुल गांधी रायबरेली और वायनाड में से जिस भी सीट को छोडने का फैसला करते हैं, उस सीट पर छह महीने के अंदर उपचुनाव कराए जाएंगे।

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