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Monday, March 16, 2026
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तिरुपति मंदिर के प्रसाद में पशुओं की चर्बी के इस्तेमाल को लेकर साधु-संतों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग

ये सभी संत ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने के लिए गोरखनाथ मंदिर आए, इन्होने एक मीडिया चैनल के माध्यम इस प्रकरण को लेकर अपनी बातें रखी हैं।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर के प्रसाद ‘तिरुपति लड्डू’ में मछली का तेल और पशुओं की वसा पाए जाने को लेकर संतों-महंतो में काफी नाराजगी है। इसको लेकर उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को श्रद्धालुओं की आस्था के साथ बड़ा खिलवाड़ बताया है। संतों-महंतो ने इस तरह के काम करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। ये सभी संत ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने के लिए गोरखनाथ मंदिर आए थे। इन्होंने एक मीडिया चैनल के माध्यम इस प्रकरण को लेकर अपनी बातें रखी हैं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इस साजिश का खुलासा जरूर होना चाहिए

डॉ. राम विलास वेदांती (पूर्व लोकसभा सांसद, वशिष्ठ भवन, हिंदू धाम, अयोध्या) ने इस प्रकरण को लेकर कहा कि तिरुपति मंदिर के प्रसाद में पशुओं की वसा और मछली का तेल मिलाने वाली घटना को लेकर संतों में काफी गुस्सा है। डॉ. राम विलास वेदांती ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि यह सिर्फ भक्तों के साथ ही नहीं बल्कि भगवान के साथ भी बड़ा धोखा है। उन्होंने इसे किसी साजिश के तहत किया गया कार्य बताया है। उन्होंने कहा कि इस साजिश का खुलासा जरूर होना चाहिए। जो भी इस मामले में दोषी पाया जाता है, उसको ऐसी कड़ी सजा दी जानी चाहिए की आगे कोई भी इस तरह का काम करने के बारे में सोच भी न पाए।

इस तरह की घटनाएं हमें धर्म की रक्षा करने के लिए सर्तक करती हैं

अनंतानंद द्वाराचार्य, काशीपीठाधीश्वर के डॉ. रामकमल दास वेदांती महाराज ने भी इस प्रकरण को लेकर कहा कि हमारे वहां तो लहुसन-प्याज भी वर्जित है, ऐसे में तिरुपति मंदिर के प्रसाद में पशुओं की वसा और मछली का तेल का प्रयोग एक बहुत ही दुखद कर देने वाली घटना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना से अध्यात्म खतरे में है। इस तरह की घटनाएं हमें धर्म की रक्षा करने के लिए सर्तक करती हैं। इस मामले की बहुत ही बारीकी से जांच होनी चाहिए। दोषियों की पहचान करके, उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए।

सही में वह एक बहुत ही घृणित इंसान है

गोरखनाथ आश्रम, जूनागढ़ गुजरात के महंत शेरनाथ ने इस इस प्रकरण को लेकर कहा कि जिस किसी ने भी भगवान के प्रसाद में इस तरह की मिलावट की है, सही में वह एक बहुत ही घृणित इंसान है। वह सभी भक्तों का दोषी होने के साथ साथ भगवान का भी दोषी है। इस तरह के लोगों को भगवान तो सबक जरूर सिखायेंगे ही, लेकिन इन्हें शासन-प्रशासन स्तर पर भी बड़ी सजा मिलनी चाहिए। यह भगवान,भक्तों की आस्था, श्रद्धा और विश्वास पर बड़ी चोट है। हम इस तरह की घटना को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

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