back to top
30.1 C
New Delhi
Sunday, April 5, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

वक्फ मामले पर अगले मुख्य न्यायाधीश के सामने होगी सुनवाई, जानिए क्‍या बोले CJI खन्ना ?

वक़्फ संशोधन अधिनियम की वैधता को लेकर दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट अब 15 मई को सुनवाई करेगा।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । सुप्रीम कोर्ट वक्फ (संशोधन) अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 15 मई से सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि मामले की सुनवाई भूषण रामकृष्ण गवई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष होगी। न्यायाधीश गवई 13 मई को मुख्य न्यायाधीश का पदभार ग्रहण करेंगे।

वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सोमवार से सुनवाई होनी थी। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति. संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति. संजय कुमार एवं न्यायमूर्ति. जब केवी विश्वनाथन सुनवाई के लिए आए तो मुख्य न्यायाधीश ने अटॉर्नी जनरल तुषार मेहता को संबोधित किया, जो केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। CJI खन्ना ने कहा, “आपने इस मामले से संबंधित कुछ मुद्दों पर बात की है, लेकिन इस पर स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। मैं इस अंतरिम चरण में कोई निर्णय या आदेश सुरक्षित नहीं रखना चाहता। इस पर जल्द ही सुनवाई होगी लेकिन मेरे सामने नहीं।” इसके अलावा, CJI खन्ना ने कहा कि “हमने केंद्र सरकार द्वारा जवाब में दायर हलफनामे पर भी गहनता से विचार नहीं किया है। केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण के संबंध में कुछ मुद्दे उठाए हैं और विवादास्पद आंकड़े दिए हैं। इस पर विचार करने में कुछ समय लग सकता है।” बता दें कि सरकार ने 25 अप्रैल को 1,322 पृष्ठों का हलफनामा दायर किया।

इससे पहले 17 अप्रैल को हुई सुनवाई में केंद्र सरकार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि 5 मई तक किसी भी वक्फ संपत्ति को डीनोटिफाई नहीं किया जाएगा और न ही सेंट्रल वक्फ काउंसिल और बोर्ड में कोई नियुक्ति की जाएगी। हालांकि, केंद्र सरकार ने 25 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि मामले का निपटारा होने तक कानून पर पूर्ण या आंशिक रोक लगाना उचित नहीं होगा। इसके खिलाफ दायर याचिका को खारिज करने का भी अनुरोध किया गया।

सूफी समूह ने कानून का समर्थन किया

सूफी इस्लामिक बोर्ड वक्फ (संशोधन) अधिनियम का समर्थन करते हुए सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करेगा। बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंसूर खान ने सोमवार को इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने जमीयत उलेमा-ए-हिंद और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के नेताओं पर कानून के प्रावधानों के बारे में मुसलमानों को गुमराह करने का आरोप लगाया।

Advertisementspot_img

Also Read:

Women Rights During Arrest: मुफ्त कानूनी सहायता से लेकर जमानत और हिरासत के नियम तक

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महिलाओं की गिरफ्तारी के दौरान कानून ने उनके लिए कई खास अधिकार (Women Rights During Arrest) तय किए हैं, ताकि उनकी...
spot_img

Latest Stories

RCB vs CSK Live Streaming: कब, कहां और कैसे देखें हाई-वोल्टेज मुकाबला, यहां जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज के दिन के डबल हेडर...

SRH vs LSG: हेड-टू-हेड में किसका दबदबा? आंकड़े देखकर हो जाएंगे हैरान

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में...

Company Secretary क्या होता है? जानें कैसे बनाएं इस फील्ड में करियर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। यह बात स्वभाविक है कि आज...

Kolkata Port सीट पर कड़ा मुकाबला: TMC, BJP, कांग्रेस और वाम के बीच चौतरफा लड़ाई

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कोलकाता...

रविवार का व्रत क्यों होता हैं खास, जानिए महत्त्व और व्रत विधि

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। रविवार का दिन सूर्य देव...

चेहरे पर पड़े चेचक के दाग से हैं परेशान, अब घर पर ही कर सकेंगी इसका इलाज

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में हर...

Ravivar Mantra: रविवार को इस प्रकार करें सूर्य देव की पूजा अर्चना, इन मंत्रों का भी करें जाप

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। सूर्य भगवान की पूजा अर्चना...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵