नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है। ऐसे में चर्चा तेज हो गई है कि क्या भारत एक बार फिर पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल या एयर स्ट्राइक कर सकता है? इस बीच आम लोगों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या भारतीय फाइटर जेट पाकिस्तान के शहर लाहौर तक जाकर वापस लौट सकते हैं?
फाइटर जेट क्या होता है और क्यों होते हैं खास?
फाइटर जेट यानी लड़ाकू विमान, वायुसेना का सबसे ताकतवर हथियार होते हैं। ये दुश्मन देश के विमानों से लड़ने, बम गिराने और हाई स्पीड से मिशन को अंजाम देने के लिए बनाए जाते हैं। ये कम समय में बहुत ऊंचाई तक उड़ सकते हैं और रडार से बच निकलने की क्षमता रखते हैं।
क्या है फाइटर जेट्स की उड़ान रेंज और स्पीड?
हर फाइटर जेट की रेंज और स्पीड अलग होती है। आइए कुछ प्रमुख विमानों की जानकारी पर नज़र डालते हैं इसी तरह से राफेल को एक या फिर दो पायलेट उड़ाते है. यह 50.1 फीट लंबी, विंगस्पैन 35.9 फीट और 17.6 फीट ऊंचाई का विमान है. इसकी अधिकतम स्पीड 1912 किमी/घंटे है. इसकी ऑपरेशनल रेंज 3700 किलोमीटर है, लेकिन यह 51,952 फीट ऊंचाई तक जा सकती है. यह एक सेकेंड में 305 मीटर ऊंची सीधी उड़ान भर सकता है.
क्या भारतीय फाइटर जेट्स लाहौर तक जाकर वापस आ सकते हैं?
हां, भारत के पास ऐसे कई फाइटर जेट हैं जिनकी रेंज इतनी है कि वे लाहौर जैसी दूरी (लगभग 300 किमी) पर हमला करके आसानी से सुरक्षित लौट सकते हैं। विशेष रूप से राफेल और सुखोई-30MKI जैसे विमान तो इससे कहीं लंबी दूरी के मिशन को भी अंजाम देने में सक्षम हैं। भारत के पास आधुनिक और तेज फाइटर जेट्स का बेड़ा है, जो किसी भी वक्त सीमापार कार्रवाई करने में सक्षम हैं। चाहे वह बालाकोट जैसी एयरस्ट्राइक हो या उससे भी बड़ा मिशन – भारतीय वायुसेना की ताकत और तकनीक इस पर पूरी तरह खरा उतरती है।





