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Saturday, April 4, 2026
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जल्द ही कश्मीर तक कर सकेंगे ट्रेन से सफर, 15 अगस्त तक चिनाब रेलवे आर्च ब्रिज पर चल सकती है ट्रेनें

चिनाब नदी पर बना ये ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च ब्रिज है। इसकी लंबाई करीब 1300 मीटर है। चिनाब नदी के तल से इस पुल की ऊंचाई 359 मीटर है। 15 अगस्त तक इसपर ट्रेनों का संचालन शुरू होने का अनुमान है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जल्द ही दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज (Chenab Rail Bridge) पर ट्रेन दौड़ने लगेगी। इसको लेकर लगभग सभी ट्रायल पूरे हो चुके हैं। सबकुछ ठीकठाक रहा तो रियासी स्थित इस पुल से कश्मीर तक ट्रेन से सफर करने का सपना 15 अगस्त तक पूरा हो सकता है। चिनाब नदी पर बना ये ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च ब्रिज है। इसकी लंबाई करीब 1300 मीटर है। चिनाब नदी के तल से इस पुल की ऊंचाई 359 मीटर है। इस पुल को इंजीनियरिंग का बेमिसाल नमूना बताया जा रहा है।

नए रेलवे स्टेशन पर तैयारी पूरी


रियासी में बनाये गए रेलवे स्टेशन पर तैयारी पुरी हो चुकी है। अब रेल मंत्रालय की हरी झंडी का इंतजार है। यह सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना का ज्यादातर हिस्सा पूरा हो चुका है। इस रेल सेवा के शुरू होते ही यात्री रियासी से कश्मीर के बारामुला तक यात्रा कर सकेंगे।

श्रीनगर से रामबन जिले तक ट्रेन का परिचालन शुरू


बारामुला से श्रीनगर होते हुए जम्मू के रामबन जिले के संगलदान स्टेशन तक ट्रेन का परिचालन शुरू हो चुका है। पिछले महीने ही संगलदान से रियासी के बीच 40 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलने वाली ट्रेन जिसमें 8 कोच थे का ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। ये सभी ट्रायल रेलवे के सुरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल की उपस्थिति में हुए।

क्यों अहम है ये परियोजना?


ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। इस परियोजना के शुरू होते ही रेल सेवा पाकिस्तान के बॉर्डर तक पहुंच जाएगी। जिसका सबसे बड़ा फायदा युद्ध के दिनों में होगा। सर्दियों में जब भारी बर्फबारी की वजह से सारे रास्ते बंद हो जाते हैं। उन दिनों में भी इस परियोजना की वजह से सेना की पहुंच पाकिस्तान के बॉर्डर तक हो जाएगी। बनिहाल से श्रीनगर होते हुए बारामुला रेल संपर्क का कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है और ट्रेनों का परिचालन भी शुरू हो गया है।

उच्च पर्वतीय क्षेत्र में पड़ता है ये ब्रिज


बता दें कि बनिहाल से कटड़ा तक का क्षेत्र उच्च पर्वतीय क्षेत्र है। जिसकी वजह से यहां पूरे रास्ते में पहाड़, नदियां, झीलें और नाले पड़ते हैं। जो इस सफर को बेहद खूबसूरत बना देते हैं।


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