नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के Iconic विलेन अमजद खान की आज 12 नवंबर को बर्थ एनिवर्सरी है। फिल्म शोले में गब्बर सिंह के रोल से अमजद खान ने रातोंरात इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई। अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, जया बच्चन, संजीव कुमार और हेमा मालिनी के साथ इस फिल्म में उनके विलेन अवतार ने दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी।
करियर की बुलंदियां
शोले के बाद अमजद खान ने मुकद्दर का सिकंदर, सत्ते पे सत्ता, चंबल की कसम, शतरंज के खिलाड़ी, याराना और लावारिस जैसी हिट फिल्मों में काम किया। उनकी दमदार डायलॉग डिलीवरी और स्क्रीन प्रजेंस उन्हें इंडस्ट्री का सबसे यादगार विलेन बनाती थी।
स्वास्थ्य ने की चुनौती
1976 में अमजद खान का एक गंभीर एक्सीडेंट हुआ। इस हादसे में उनकी रिब्स और लंग्स में चोट आई और उन्हें तीन महीने तक बेड रेस्ट करना पड़ा। इस दौरान उनका वजन बढ़ गया। इसके अलावा उन्हें Bell’s Palsy जैसी बीमारी भी हुई, जिसके कारण डॉक्टरों ने उन्हें स्टेरॉयड पर रखा और किसी भी तरह का वर्कआउट वर्जित किया।
मोटापे और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण धीरे-धीरे फिल्मों से उनका संपर्क कम हो गया। 1991 तक उनके पास कोई बड़ा काम नहीं था। इसके बाद रामगढ़ जैसी फिल्मों में गब्बर सिंह का रोल निभाना पड़ा।
निधन
प्रसिद्ध अभिनेता अमजद खान का निधन 1992 में हार्ट अटैक के कारण हो गया था। उस समय उनकी आयु मात्र 51 वर्ष थी। उनके स्वास्थ्य की समस्याएं, विशेष रूप से 1976 में हुए गंभीर एक्सीडेंट के बाद वजन बढ़ना और स्टेरॉयड का सेवन, उनके असमय निधन का एक मुख्य कारण बनीं।हालांकि उनके जाने के बाद कुछ छोटी-मोटी फिल्में रिलीज़ हुईं, लेकिन गब्बर सिंह का किरदार आज भी बॉलीवुड के सबसे यादगार विलेन के रूप में जीवित है।
अमजद खान की कहानी यह साबित करती है कि एक यादगार रोल किसी कलाकार को सदाबहार बना सकता है, लेकिन स्वास्थ्य की चुनौतियां करियर पर गहरा असर डाल सकती हैं।





