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Saturday, March 14, 2026
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रंगों की मस्ती, बिना स्किन की टेंशन-होली से पहले और बाद में ऐसे करें देखभाल

होली से पहले तेल या मॉइश्चराइजर लगाकर त्वचा पर सुरक्षा परत बनाएं, केमिकल रंगों से बचें और जलन या एलर्जी होने पर तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। होली खुशियों, उमंग और रंगों का त्योहार है, लेकिन जरा सी लापरवाही आपकी खूबसूरत त्वचा के लिए परेशानी बन सकती है। बाजार में बिकने वाले केमिकल युक्त रंग और गुलाल अक्सर त्वचा पर जलन, खुजली, रैशेज और एलर्जी का कारण बनते हैं।

इसी विषय पर लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के चर्म एवं गुप्त रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अमरजीत सिंह ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उनका कहना है कि होली खेलने से पहले त्वचा की सुरक्षा करना उतना ही जरूरी है जितना रंगों का आनंद लेना। घर से बाहर निकलने से पहले चेहरे, गर्दन, हाथ-पैर जैसे खुले हिस्सों पर नारियल तेल या अच्छा मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं। इससे त्वचा पर एक सुरक्षा परत बन जाती है, जो रंगों के हानिकारक रसायनों को रोमछिद्रों के भीतर जाने से रोकती है। इतना ही नहीं, बाद में रंग छुड़ाना भी आसान हो जाता है।

बदलते मौसम में बढ़ जाती है संवेदनशीलता

होली के आसपास मौसम भी करवट बदलता है। ऐसे में त्वचा पहले से ज्यादा संवेदनशील हो जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय केमिकल रंगों का सीधा संपर्क त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। कई सस्ते गुलाल में कांच के महीन कण या हानिकारक रसायन मिले होते हैं, जो चेहरे पर रगड़ने से सूक्ष्म घाव और संक्रमण पैदा कर सकते हैं। इसलिए जहां तक संभव हो, प्राकृतिक और हर्बल रंगों का ही इस्तेमाल करें। बच्चों और संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए।

पक्का रंग लग जाए तो घबराएं नहीं

अक्सर लोग जिद में आकर पक्का रंग छुड़ाने के लिए त्वचा को जोर-जोर से रगड़ते हैं या तेज केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। डॉ. अमरजीत सिंह की सलाह है कि सबसे पहले सादे पानी से चेहरा धोएं और अपने नियमित हल्के साबुन का उपयोग करें। यदि रंग तुरंत न छूटे तो बार-बार रगड़ने से बचें। ज्यादा रगड़ने से त्वचा छिल सकती है और जलन बढ़ सकती है। धैर्य रखें, रंग कुछ दिनों में अपने आप हल्का पड़ जाता है।

लापरवाही पड़ी तो अस्पताल तक पहुंच सकती है बात

होली के बाद त्वचा पर खुजली, लाल दाने, जलन या आंखों में जलन महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। खुद से क्रीम या दवा लगाने के बजाय त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। हर साल होली के बाद अस्पतालों में स्किन और आंखों से जुड़ी समस्याओं के मामले बढ़ जाते हैं। यदि पहले से ही एहतियात बरता जाए, तो इन परेशानियों से आसानी से बचा जा सकता है। रंगों का त्योहार खुशियां बांटने के लिए है, इसलिए थोड़ी सी सावधानी अपनाकर आप अपनी त्वचा को सुरक्षित रखते हुए बेफिक्र होकर होली मना सकते हैं।

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