नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। मथुरा के ब्रिज की होली दुनिया भर में फेमस है यही वजह है कि लोग दूर-दूर से यहां आना पसंद करते हैं। कई लोग ऐसे भी हैं जो मथुरा वृंदावन होली के मौके पर इसलिए नहीं जा पाए क्योंकि होटल और धर्मशाला में रुकने की व्यवस्था काफी महंगी होती है। ऐसे में पुरुष कहीं भी ठहर सकते हैं लेकिन महिलाओं के लिए यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। अगर आप एक महिला है और अपनी गर्ल्स गैंग के साथ मथुरा वृंदावन की होली इंजॉय करने जा रही हैं, तो कुछ खास जगहों के बारे में जान लीजिए। इन जगहों पर आप कम बजट में या फ्री में भी ठहर सकती हैं और खाने पीने की व्यवस्था भी मिलती है।
वृंदावन कृष्ण कुटीर
अगर आप वृंदावन में कहीं ठहरने के लिए जगह तलाश रही है तो फ्री में रहने और खाने के लिए वृंदावन के परिक्रमा मार्ग में एक आश्रम है। यह आश्रम महिलाओं के रहने के लिए बहुत ही सुरक्षित और आध्यात्मिक वातावरण वाला है। यहां पर आपको सभी तरह की सुविधा मिलती है। लेकिन आपको होली के त्योहार से पहले ही बुकिंग करनी पड़ेगी नहीं तो यह जगह बुक हो सकती है।
वृंदावन मीरा सेवा सदन
होली एक ऐसा त्यौहार है जब ब्रज में काफी भीड़ होती है ऐसे में आप मीरा सेवा सदन जैसी जगह पर फ्री में रह सकती हैं। इसके लिए आपको पहले से ही बुकिंग करानी होगी। यह जगह कृष्ण बलराम मंदिर के पास में मौजूद है यहां पर महिलाओं को मुफ्त में रहने और खाने की व्यवस्था दी जाती है। अगर आपको आश्रम से जुड़ी डिटेल चाहिए तो आप ऑफिशल वेबसाइट पर इसके बारे में जान सकती हैं।
वृंदावन परमार्थ निकेतन
यह आश्रम एक ट्रस्ट द्वारा चलाया जाता है जहां पर महिलाओं और पुरुषों के ठहरने के लिए खास सुविधा दी जाती है। इस आश्रम की खास बात यह है कि यहां पर फ्री में रहने के लिए आपको पहले से बुकिंग करनी होती है।
वृंदावन चंद्रोदय मंदिर
होली के त्यौहार को इंजॉय करने के लिए मथुरा वृंदावन जा रही है तो आपको वृंदावन चंद्रोदय मंदिर जरूर जाना चाहिए। इस दौरान आप यहां पर रहना खाना आसानी से कर सकती हैं। यह जगह भक्ति वेदांत स्वामी मार्ग के अक्षय पात्र मंदिर के पास मौजूद है। अगर आप चाहे तो इस जगह पर जाकर भी बुकिंग कराई जा सकती है।
माता रितांबरी आश्रम
महिलाओं के लिए वृंदावन में ठहरने के लिए माता रितांबरी आश्रम भी एक बहुत अच्छी जगह है। इस आश्रम में होली के त्यौहार को एंजॉय करने के लिए ठहरने की व्यवस्था काफी सुविधाजनक है। यहां पर भगवान के भजन कीर्तन भी किए जाते हैं।




