न्यूयॉर्क/तेल अवीव/यरुशलम, हि.स.। इजरायल-हमास के बीच युद्धविराम की मांग वाला रूस का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सोमवार रात खारिज हो गया। इस प्रस्ताव में गाजा में आम नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसा की निंदा करते हुए युद्ध विराम की मांग की गई थी। लेकिन इसमें हमास के बर्बर हमले का जिक्र नहीं था।
ऐसे में पश्चिमी देशों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। 15 सदस्यों वाली सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पास होने के लिए नौ वोटों की जरूरत थी। प्रस्ताव के समर्थन में सिर्फ चार देशों ने मतदान किया। उधर, इजरायल के सुरक्षाबलों ने पूरी रात फिलिस्तीन के कुख्यात आतंकवादी संगठन हमास के अलावा आतंकी समूह हिज़्बुल्ला के सैकड़ों ठिकानों पर बमबारी की। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स में दी गई है।
राष्ट्रपति जो बाइडन इजरायल की यात्रा पर विचार कर रहे हैं
बाइडन कर सकते हैं इजरायल का दौराः मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल के प्रति अमेरिकी एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए राष्ट्रपति जो बाइडन इजरायल की यात्रा पर विचार कर रहे हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें इजरायल आने का निमंत्रण भेजा है।
इस बीच इजरायली सेना ने माना है कि हमास ने 199 लोगों को बंधक बनाया है। तेल अवीव में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात के बाद इजरायल के रक्षामंत्री योव गैलेंट ने कहा है कि यह युद्ध लंबा खिंचेगा।
यह युद्ध नाजी नरसंहार से भी बर्बर
यह युद्ध नाजी नरसंहार से भी बर्बरः मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायल-हमास संघर्ष को द्वितीय विश्व युद्ध के नाजी नरसंहार के बाद बर्बर यहूदी नरसंहार माना जा रहा है। ब्रिटेन की संयुक्त राष्ट्र राजदूत बारबरा वुडवर्ड ने कहा है कि इजरायल के इतिहास में सबसे बड़े आतंकी हमले को नजरअंदाज करना इस परिषद के लिए अनुचित होगा।
रूसी प्रस्ताव खारिज होने के बाद उन्होंने कहा कि प्रतिद्वंद्वी ब्राजीलियाई प्रस्ताव पर बातचीत जारी रहेगी। प्रस्ताव पर मतदान से पहले रूसी राजदूत वासिली नेबेंजिया ने कहा कि यह बढ़ते मौजूदा संकट को लेकर एक जवाब है।
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