झांसी,10 मार्च (हि.स.)। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने बुुधवार को विश्वविद्यालय की महिला शिक्षिकाओं का सम्मान करके अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया। इस अवसर पर प्रो. अपर्णा राज, प्रो. पूनम पुरी, डॉ. रितु सिंह, डॉ. क्षिप्रा सक्सेना और डॉ. इरा तिवारी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बूटा अध्यक्ष प्रो. आर. के. सैनी ने कहा कि महिला शिक्षिकाएं अपनी लगन और मेहनत से नए आयाम स्थापित कर रही हैं। शिक्षा संवेदना का विषय है, और महिलाएं संवेदना से भरपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि नारी का सम्मान देश के सम्मान से भी बड़ा है। जब तक हम नारियों का सम्मान नहीं करेंगे तब तक देश का विकास संभव नहीं है। प्रो. अवनीश कुमार ने कहा कि महिलाओं के विकास के लिए शिक्षा बहुत जरुरी है। विश्वविद्यालय की शिक्षिकाएं न केवल महिलाओं को शिक्षित करने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, बल्कि इस समाज को भी शिक्षित करने का कई रूपों में कार्य कर रहीं हैं। इस अवसर पर प्रो. देवेश निगम, प्रो. एमएम सिंह ने भी महिला योगदान के विषय में अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डा. डी.के. भट्ट ने किया। इस दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक डा. मुन्ना तिवारी, प्रो. वी.के. सिंह, प्रो. एस.सी. भट्ट, प्रो देवेश निगम, प्रो. प्रतीक अग्रवाल, डा. सौरभ श्रीवास्तव, डा. पुनीत बिसारिया सहित अन्य महिलाएं व कर्मचारीगण उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/महेश




