नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हाल ही में संपन्न हुए पेरिस ओलंपिक 2024 में पुरुष हॅाकी टीम ने जो ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है उसमें श्रीजेश के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। श्रीजेश ने ब्रॉन्ज मेडल जीतने के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय हॅाकी को अलविदा कह दिया है और अब वह जूनियर टीम के कोच को पद पर अपनी सेवा देते नजर आएंगे।
जर्सी नंबर 16 को कहा जाएगा अलविदा
जो सम्मान अभी तक खेल इतिहास में धोनी-सचिन को मिला था। वही सम्मान हॅाकी इंडिया अब गोलकीपर श्रीजेश को देने जा रही है। हॅाकी इंडिया न सिर्फ उनके बहुमूल्य योगदान को सराहने के लिए उन्हें 25 लाख रुपये की राशि से सम्मानित कर रही है बल्कि उनकी जर्सी को भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर से रिटायर कर रही है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 16 नंबर की जर्सी अब कभी नहीं दिखेगी जबकि जूनियर स्तर पर ये जर्सी उप्लब्ध रहेगी।
जूनियर टीम की कमान होगी श्रीजेश के हाथ
14 अगस्त को दिल्ली में श्रीजेश के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में हॅाकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने बड़ी घोषणा करते हुए बताया – ‘श्रीजेश अब जूनियर टीम की कमान अपने हाथ में लेने जा रहे हैं। अब वह जूनियर टीम में दूसरे श्रीजेश को तैयार करेंगें। अब वह अपने खेल के गुर जूनियर टीम को सिखाते हुए नजर आएंगे।
पेरिस ओलंपिक में गोल्ड न जीत पाने का मलाल
श्रीजेश उन चुनिंदा खिलाडियों में से एक हैं जिन्होंने भारतीय हॅाकी के स्वर्णिम काल में अपना योगदान दिया। श्रीजेश ने एक कार्यक्रम में बताया कि- ‘हम इस बार गोल्ड जीत सकते थे, लेकिन हमें ब्रांन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा। हमें गोल्ड न जीत पाने का जीवन भर मलाल रहेगा।’
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