नई दिल्ली, रफ्तार। पेरिस ओलंपिक में एक ऐतिहासिक मैच हुआ। बॉक्सिंग मैच महज 46 सेकंड का हुआ। यह ओलंपिक का विवादित मुकाबला रहा। इतालवी की मुक्केबाज एंजेला कैरिनी की भिड़ंत अल्जीरिया के इमान खेलीफ से थी। एंजेला कैरिनी महज 46 सेकंड बाद ही मैच छोड़कर रोने लगीं। मैच बाद कैरिनी ने बताया कि उन्हें पहले कहीं ज्यादा जोर से खेलीफ का हमला लगा। बता दें, खेलीफ उन दो मुक्केबाजों में एक हैं, जिन्हें पिछले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में टेस्टोस्टेरॉन और लिंग टेस्ट में असफल होने परओलंपिक में लड़ने की मंजूरी मिली है। कैरिनी ने हमले के बाद मैच छोड़ा और रोने लगी। खेलीफ ने उनकी ठुड्डी पर जबर्दस्त प्रहार किया, जिससे उनके खून निकलने लगे। पहले पंच ने उनका चिनस्ट्रैप हटा दिया।
पिता का सम्मान करने के लिए रिंग में गई थी : कैरिनी
कैरिनी ने बताया कि मैं दिल से टूट गई हूं। मैं पिता का सम्मान करने के लिए रिंग में गई थी। मुझे बताया गया था कि मैं योद्धा हूं, लेकिन मैं अपने स्वास्थ्य के लिए रुकना पसंद करती हूं। मैंने पहले कभी ऐसा पंच नहीं महसूस किया था। मैं लड़ने के लिए रिंग में गई थी और हार नहीं मानी। मगर, एक पंच बहुत ज्यादा चोट पहुंचाई, इसलिए मैंने अपना सिर ऊंचा करके कहा कि मैं बाहर जा रही हूं।
नाक में बहुत तेज दर्द हुआ
कैरिनी ने कहा कि वर्षों के अनुभव के बाद भी मुझे दूसरे पंच के बाद अपनी नाक में बहुत तेज दर्द हुआ, इसलिए मैंने इसे बहुत कहा। इस पंच के बाद लड़ाई खत्म नहीं कर सकती थी, इसलिए खेल को समाप्त करना बेहतर था। मैं टुकड़ों में हूं, क्योंकि मैं लड़ाकू हूं। उन्होंने मुझे योद्धा बनना सिखाया। मैंने हमेशा सम्मान के साथ व्यवहार करने का प्रयास किया है। मैंने हमेशा वफादारी से देश का प्रतिनिधित्व किया है। इस बार मैं ऐसा नहीं कर सकी। मैं और नहीं लड़ सकती थी। मेरे सामने जो था, उससे लेना-देना नहीं है। मैं उस व्यक्ति का सामना करना चाहती थी, जो मेरे सामने था और लड़ना चाहती थी।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें- https://www.raftaar.in





