नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पेरिस ओलंपिक्स में शानदार जीत हासिल करके शूटिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले स्वप्निल कुसाले आज देश के हीरो बन गए हैं। उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और मेडल जीता।
भारतीय इतिहास में पहली बार भारत को तीन मेडल मिले
भारतीय शूटिंग के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब 50 मीटर राइफल शूटिंग में भारत को तीन मेडल मिले हैं।
धोनी को आदर्श मानते हैं स्वप्निल
कुसाले भारतीय क्रिकेटर धोनी को अपना आदर्श मानते हैं जिन्होंने रेलवे टिकट कलेक्टर की नौकरी की थी। स्वप्निल भी इसी तरह टिकट कलेक्टर का काम करते थे।
स्वप्निल ने फर्श से अर्श तक का सफर यूं ही नहीं तय किया। उन्होंने कहा कि वो धोनी को अपना आदर्श मानते हैं। वह उनके व्यक्तित्व से बहुत प्रभावित हैं। जैसे धोनी फील्ड पर शांत और धैर्य से काम लेते हैं उसी प्रकार मैं भी शांत और धैर्यवान रहता हूं।
कर चुके हैं टिकिट कलेक्टर का काम
स्वप्निल भी धोनी की तरह ही टिकिट कलेक्टर का काम कर चुके हैं। वह 2015 से रेलवे के लिए काम कर रहे हैं। 2012 से इंटरनेशनल इवेंट्स में कंपीट कर रहे हैं। उन्हें ओलंपिक्स में डेब्यू करने के लिए 12 साल इंतजार करना पड़ा।
किसान परिवार से हैं स्वप्निल
कुसाले किसानों के परिवार से हैं। 2009 में इनके पिताजी ने इन्हें महाराष्ट्र सरकार के खेल से जुड़े कार्यक्रम में इनरोल कराया था। एक साल की सख्त ट्रेनिंग के बाद उन्हें एक स्पोर्ट जीतना था और वो शूटिंग था।
अभिनव बिंद्रा ने भी किया स्वप्निल को दी बधाई, एक्स पर किया पोस्ट
शूटर अभिनव बिंद्रा ने एक्स पर पोस्ट किया, पेरिस ओलंपिक में निशानेबाजी में स्वप्निल के ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीत से रोमांचित हूं। आपकी कड़ी मेहनत, धैर्य और जुनून वास्तव में सफल रहा है। उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना और निशानेबाजी में पदक जीतना आपके समर्पण और प्रतिभा का प्रमाण हैं। आपने भारत को इतना गौरवान्वित किया है और सभी को दिखाया है कि सपनों का पीछा करना क्या होता है।
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