नई दिल्ली, रफ्तार। अयोध्या के बाद मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद मामले में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की रूल 7/11 के आवेदन को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि सिविल वाद सुनवाई लायक है। अब हिंदू पक्ष की याचिका पर सुनवाई चल रही है। हाईकोर्ट के आदेश से मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है। हिंदू पक्ष ने 18 याचिकाएं दाखिल कर शाही ईदगाह मस्जिद की जमीन को हिंदुओं की बताई है। दरअसल, हिंदू पक्ष ने पूजा का अधिकार मांगा था। उसके बाद मुस्लिम पक्ष ने प्लेसिस ऑफ एक्ट, वक्फ एक्ट आदि का हवाला दिया था। साथ ही हिंदू पक्ष की याचिकाओं को खारिज करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज किया है। अब हिंदू पक्ष की 18 याचिकाओं पर एक साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई की जाएगी।
CPC के नियम 11 का दिया हवाला
जून में सिविल वाद की पोषणीयता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। नागरिक प्रक्रिया संहिता (CPC) के नियम 11 का आदेश 7 यह अधिकार देता है कि कोई वाद किसी कानून के तहत बाधित है तो वह पोषणीय (सुनवाई योग्य) नहीं है।
1669-70 में किया गया था शाही ईदगाह मस्जिद का निर्माण
मुस्लिम पक्ष-शाही ईदगाह की प्रबंधन कमेटी एवं यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने इस आधार पर उस नियम के तहत वाद की पोषणीयता को चुनौती दी थी कि ये वाद पूजा स्थल अधिनियम 1991 के तहत बाधित है, क्योंकि इस कानून में 15 अगस्त 1947 को मौजूद धार्मिक स्थल का चरित्र नहीं बदला जा सकता। मुस्लिम पक्ष के मुताबिक ये वाद स्वयं यह बात स्वीकारते हैं शाही ईदगाह मस्जिद का निर्माण 1669-70 में किया गया था।
13.37 एकड़ जमीन का विवाद
हिंदू पक्ष की ओर से दायर मुकदमों में मथुरा में 13.37 एकड़ परिसर में कटरा केशव देव मंदिर से सटी शाही ईदगाह मस्जिद हटाने की प्रार्थना की गई। शाही ईदगाह मस्जिद का कब्जा सौंपने और ढांचे को ध्वस्त करने की मांग की गई।
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