जयपुर, हि.स.। राजस्थान में मानसून अब लगभग विदाई की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश के पूर्वी इलाकों में सक्रिय दक्षिण पश्चिमी मानसून अब कुछ दिनों का मेहमान है। मौसम विभाग ने अक्टूबर के पहले सप्ताह में पूरे प्रदेश से मानसून की विदाई के संकेत दिए हैं। पश्चिमी भागों से मानसून लगभग विदा हो चुका है लेकिन पूर्वी भागों में कम वायुदाब का क्षेत्र सक्रिय रहने के कारण मानसूनी गतिविधियां अभी सक्रिय हैं। राज्य में अभी भी बारिश का दौर लगातार जारी है और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में कल देर रात कुछ जगह हल्की बारिश भी हुई।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया बड़ा मौसमी तंत्र
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक नया बड़ा मौसमी तंत्र बन रहा है। यहां एक साइक्लोन सर्कुलेशन बनेगा, जो आगे चलकर लो-प्रेशर और वेल मार्क लो-प्रेशर सिस्टम में तब्दील हो सकता है, लेकिन इस सिस्टम का राजस्थान तक असर दिखने की संभावना बहुत कम है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बढ़ने से ये सिस्टम पश्चिमी बंगाल, उड़ीसा, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में देखने को मिल सकता है। मानसून की विदाई के बाद अब सरहदी जिले बाड़मेर, जैसलमेर में गर्मी दोबारा बढ़ने लगी है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इन क्षेत्रों में उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बढ़ने से यहां अब एंटी साइक्लोन सिस्टम बन गया है। मौसम विशेषज्ञों ने यहां आने वाले दिनों में पारा एक से दाे डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना जताई है।




