रामगढ़,एजेंसी । रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव में 27 फरवरी को वोटिंग होनी है। मतदान से तीन दिन पहले भाजपा के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा अब रामगढ़ विधानसभा के ग्रामीण इलाकों में लगने लगा है। गुरुवार को रामगढ़ विधानसभा के गोला, बरलांगा एवं कैंट मंडल द्वारा “पन्ना प्रमुख सममेलन” का आयोजन हुआ। बरलांगा मंडल के जोगिया बाबा में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और गोला मंडल के कुसुमडीह के होटल में विधानसभा में विधायक दल ने नेता सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।
आदिवासियों का वोट लेकर आदिवासियों को ठगने वाला मुख्यमंत्री
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कार्यकर्ताओं के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आदिवासियों का वोट लेकर आदिवासियों को ठगने वाला मुख्यमंत्री है हेमंत सोरेन। उन्होंने कहा की आज झारखंड में अगर कोई सबसे ज्यादा पीड़ित और ठगा गया है तो वो झारखंड के मूलवासी और आदिवासी गरीब जनता है। झारखंड की वर्तमान सरकार ने झारखंड के खनिजों का दोहन तो किया ही, साथ में उन्होंने यहां की आदिवासी जनता को ठग कर वोट लिया। आज उन्हीं की जमीन अपने सगे संबंधियों के नाम करने में लगें है।
झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ है रामगढ़ का उपचुनाव
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि रामगढ़ का उपचुनाव इस बात का संकेत है कि अब यहां भ्रष्टाचारियों की नहीं चलेगी। भाजपा ने झारखंड को विकास के जिस पायदान पर पहुंचाया था जेएमएम की सरकार ने इसे भ्रष्टाचार का मैदान बना दिया। झारखंड का ये उपचुनाव लुटेरा भ्रष्टाचारी सरकार में शामिल ठगों और विकास की पहचान बन चुकी एनडीए गठबंधन में बीच है।
आदिवासी मुख्यमंत्री के राज्य में आदिवासी माता और बहनों का बलात्कार
पिछले तीन वर्षों में विकास हुआ है तो वो है मुख्यमंत्री के संबंधियों की संपत्ति और जमीनों में। अन्यथा झारखंड के हर व्यक्ति की आय घटी है। झारखंड अलग हुआ था यहां के मूलवासी और गरीब आदिवासियों के जीवन स्तर में सुधार करने का काम भाजपा ने किया। कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा जब भी सत्ता में आए हैं इन्होंने सिर्फ यहां की खनिज संपदा का दोहन किया है। आज बहुत दुख होता है जब देखता हूं की आदिवासी मुख्यमंत्री के राज्य में आदिवासी माता और बहनों का बलात्कार के बाद नृशंस हत्या की जाती है। इससे भी ज्यादा दुख तब होता है जब मुख्यमंत्री अपराधियों को पकड़ने और सजा दिलवाने की जगह तुष्टिकरण की राजनीति करते हुए अपने वोटबैंक की चिंता करते और उन्हें बचाने में लग जाते है। रूपा तिर्की को आज तक इंसाफ नहीं मिला। क्योंकि हत्यारों में मुख्यमंत्री जी को अपना वोटबैंक नजर आता है।





