नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश में हो रही हिंसा और विरोध प्रदर्शन के चलते प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे के बीच लेखिका तस्लीमा नसरीन ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट में वहीं लोग हैं जिन्होंने उन्हें बाहर किया था।
इस्लामिस्ट को खुश करने के लिए मुझे बाहर निकाला था: तस्लीमा नसरीन
तसलीमा ने पोस्ट किया कि हसीना ने इस्लामिस्ट को खुश करने के लिए उनको साल 1999 में बांग्लादेश से बाहर कर दिया था। वो बांग्लादेश अपनी मां को देखना आई थीं जो डेथबेड पर थी। उन्हें उस समय के बाद देश में प्रवेश नहीं करने दिया गया था। वहीं इस्लामिस्ट लोग अब हसीना को देश के बाहर जाने के लिए मजबूर किया है।
मेरे साथ जो हुआ था वही हसीना के साथ हुआ इसके लिए वो खुद जिम्मेदार
इससे पहले की गई पोस्ट में तसलीमा ने कहा है कि हसीना के इस्तीफा देने के बाद देश छोड़कर जाना पड़ा। इसके लिए वो खुद जिम्मेदार हैं। उन्होंने इस्लामियों को बढ़ावा दिया। उन्होंने अपने लोगों को भ्रष्टाचार में शामिल होने दिया। अब बांग्लादेश को पाकिस्तान नहीं बनने देना है। सेना का शासन नहीं होना चाहिए। राजनीतिक पार्टियों को लोकतंत्र और धर्मनिर्पेक्षता लेकर आनी चाहिए।
तसलीमा की किताब लज्जा को बांग्लादेश में कर दिया गया था बैन
दरअसल नसरीन को अपनी किताब लज्जा को लेकर जान से मारे जाने की धमकियां मिल रही थी। किताब को 1993 बांग्लादेश में बैन कर दिया गया था लेकिन यह बाकी जगहों पर बेस्टसेलर थी। उस समय हसीना की विरोधी खालिदा जिया प्रधानमंत्री थी।
उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश में बीते रविवार को विरोध प्रदर्शनों में 100 लोगों की मौत हो गई थी। सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के आवास पर जाकर हंगामा किया। इसके बाद देश में सेना की अंतरिम सरकार की घषणा की गई।
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