back to top
23.1 C
New Delhi
Thursday, March 5, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Bangladesh Riots: प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की मूर्ति तोड़ी

प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की मूर्ति को तोड़ दी है। बांग्लादेश में शेख मुजीबुर रहमान की वहीं कद है जो भारत में महात्मा गांधी का है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों के डर से पीएम शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। खबरें आ रही हैं कि शेख हसीना ने देश छोड़ दिया है। इसी बीच सेना ने बांग्लादेश की कमान अपने हाथों में ले लिया है। इस दौरान एक तस्वीर सामने आ रही है। जिसमें प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की मूर्ति को तोड़ दी है। बांग्लादेश में शेख मुजीबुर रहमान की वहीं कद है जो भारत में महात्मा गांधी का है। भारत में जैसे महात्मा गांधी को बापू के नाम से जानते हैं। उसी तरह मुजीबुर रहमान बांग्लादेश में बंगबंधु के नाम से जाने जाते हैं।

मुजीबुर रहमान की बांग्लादेश की सेना ने की हत्या


मुजीबुर रहमान ने 1971 में भारत के सहयोग से पाकिस्तान के जुर्म का जमकर मुकाबला किया और बांग्लादेश के रूप में एक आजाद मुल्क की स्थापना की। इतना बड़ा काम करने के बावजूद बांग्लादेश का एक तबका मुजीबुर रहमान को लेकर हमेशा से उनके खिलाफ रहा। इसी वजह से पाकिस्तानी सेना ने शेख मुजीबुर रहमान की 15 अगस्त 1975 को उनके पूरे परिवार की हत्या करा दी। इस हत्याकांड को किसी और ने नहीं बल्कि बांग्लादेश की सेना के एक धड़े ने अंजाम दिया था। उस वक्त शेख हसीना और उनकी बहन इसलिए बच गईं क्योंकि उस समय दोनों बहनें भारत में रहकर पढ़ाई कर रही थी।

कट्टरपंथी ताकतें हुई मजबूत


बता दें कि, बांग्लादेश की आवाम शुरू से ही दो धड़ों में बंटी रही है। एक धड़ा कट्टरपंथियों का है, जो पाकिस्तानी सेना के जुल्मों को नहीं मानता और आज भी पाकिस्तान के करीब है। ये कट्टरपंथी समुदाय मुख्य रूप से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के समर्थक रहे हैं। इनकी नेता बेगम खालिदा जिया रही हैं। वो बांग्लादेश के एक पूर्व सैन्य शासक की बेगम हैं। बांग्लादेश का इतिहास रहा है कि जब भी आवामी लीग कमजोर पड़ती है या जनता पर उसकी पकड़ ढीली पड़ती है। तब-तब बीएनपी और कट्टरपंथी ताकतें मजबूत हो जाती हैं।

इस्लाम के नाम पर करते हैं पाकिस्तान का समर्थन


ये कट्टरपंथी ताकतें इस्लाम के नाम पर पाकिस्तान का समर्थन करते हैं। इसमें अधिकतर लोग वे हैं जो मूल रूप से ऊर्दू बोलते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के वो मुसलमान हैं। जो 1947 में बंटवारे के बाद बांग्लादेश जाकर बस गए थे। 


अन्य खबरों के लिए क्लिक करें- https://www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

बांग्लादेश में सियासी सत्ता परिवर्तन: तारिक रहमान की ऐतिहासिक ताजपोशी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान आज...
spot_img

Latest Stories

कुछ देशों में होली पर रंग खेलने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई, जानिए कौन से हैं वो देश?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत में होली सिर्फ एक त्योहार...

Chandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण और होली का संयोग, जानें सूतक में किन कार्यों से रहें दूर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। फाल्गुन पूर्णिमा पर जहां एक ओर...

Skin Care Tips: ऑयली और डल स्किन से छुटकारा, समर में ऐसे रखें चेहरा फ्रेश और जवान

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जैसे ही तापमान चढ़ता है, त्वचा...

Vastu Tips: घर में शांति बनाए रखने के लिए ये वास्तु उपाय, बनने लगेंगे सारे काम

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। जीवन में सुख समृद्धि अथवा...

Iran-Israel War का भारत पर क्या होगा असर, कैसे कच्चे तेल की कीमतों को करेगा प्रभावित?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को...