नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । विशाखापत्तनम के एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच चौथा टी20 मैच टीम इंडिया के लिए निराशाजनक साबित हुआ। पांच मैचों की सीरीज में पहले ही बढ़त बनाने वाली भारतीय टीम को इस मैच में 50 रन की हार का सामना करना पड़ा। वहीं, न्यूजीलैंड को इस सीरीज में अपनी पहली जीत मिली, जिसने भारतीय फैंस को भी चौंका दिया। इस हार के पीछे केवल एक कारण नहीं था, बल्कि कई खिलाड़ी और उनका कमजोर प्रदर्शन भारतीय टीम पर भारी पड़ा। आइए जानते हैं उन 5 प्रमुख खिलाड़ियों और उनके खराब प्रदर्शन के बारे में, जिन्होंने इस मुकाबले में टीम इंडिया की जीत की राह रोक दी।
संजू सैमसन का निराशाजनक प्रदर्शन
टी20 सीरीज में संजू सैमसन से बड़ी पारी की उम्मीदें थीं, लेकिन चौथे मैच में वह फिर टीम के भरोसे पर खरे नहीं उतर पाए। 15 गेंदों में 24 रन बनाने के बावजूद वह टीम को वह जिम्मेदारीपूर्ण प्रदर्शन नहीं दे सके जिसकी जरूरत थी। रनचेज के दबाव में जल्दी आउट होने से भारत की मुश्किलें और बढ़ गईं, जिससे टीम का संतुलन बिगड़ गया और हार का रास्ता आसान हो गया।
कप्तान सूर्यकुमार यादव का कमजोर प्रदर्शन
ओपनर अभिषेक शर्मा जल्दी आउट होने के बाद टीम ने कप्तान सूर्यकुमार यादव से पारी को संभालने की उम्मीद जताई। लेकिन कप्तान भी केवल 8 गेंदों में 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उनकी इस जल्दी आउट होने की वजह से मिडिल ऑर्डर पर अतिरिक्त दबाव आ गया, जिससे टीम को आवश्यक संतुलन नहीं मिल सका।
हार्दिक पंड्या का भी अच्छा नहीं रहा प्रदर्शन
अनुभवी ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या से इस मुकाबले में टीम को मैच जिताऊ पारी की उम्मीद थी। लेकिन वह केवल 5 गेंदों में 2 रन बनाकर आउट हो गए। रनचेज के दौरान हार्दिक का जल्दी आउट होना भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुआ और टीम के रन बनाने के संतुलन को पूरी तरह प्रभावित किया।
हर्षित राणा का प्रदर्शन रहा निराशाजनक
चौथे टी20 में हर्षित राणा का मैच पूरी तरह निराशाजनक रहा। गेंदबाजी में उन्होंने 4 ओवर में 54 रन खर्च किए और कोई विकेट नहीं लिया। बल्लेबाजी में भी वह 13 गेंदों में 9 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। उनका यह ऑलराउंड प्रदर्शन टीम के काम नहीं आया और भारत की हार में उनका योगदान नकारात्मक साबित हुआ।
रवि बिश्नोई की स्पिन फ्लॉप
टी20 के चौथे मुकाबले में लेग स्पिनर रवि बिश्नोई भी बीच के ओवरों में प्रभावी साबित नहीं हुए। उन्होंने अपने स्पेल में 49 रन दिए और केवल एक विकेट ही ले पाए। उनकी गेंदबाजी न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को रोकने में सफल नहीं रही, जिससे विरोधी टीम आसानी से रन बना सकी और भारत पर दबाव बढ़ गया।




