नई दिल्ली, रफ्तार। भारतीय फुटबॉल टीम को नए आयाम पर पहुंचाने वाले स्ट्राइकर सुनील छेत्री ने आज सुबह अपने संन्यास का ऐलान कर दिया। उनके इस फैसले से हर कोई हैरत में है, क्योंकि फिलहाल फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वालीफायर मैच खेले जा रहे हैं। भारतीय टीम का भी मुकाबला छह जून को कुवैत से है।
सबसे अधिक गोल दागने में चौथे नंबर पर छेत्री
दरअसल, छेत्री भारतीय टीम की ओर से सबसे अधिक गोल दागने वाले खिलाड़ी हैं। इन्होंने अपने कॅरियर में 252 गोल दागे हैं। जबकि, 84 इंटरनेशनल मैचों में 129 गोल उनके नाम दर्ज हैं। इतना ही नहीं दुनिया के सबसे धुरंधर फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनल मेसी से कम छेत्री के रिकॉर्ड नहीं हैं। छेत्री इंटरनेशनल फुटबॉल में सबसे अधिक गोल दागने के मामले में चौथे नंबर पर काबिज हैं। पहले स्थान पर पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो हैं। रोनाल्डो ने अब तक 206 मैच खेले हैं, जिनमें 128 गोल दागे हैं। दूसरे नंबर पर ईरान के पूर्व खिलाड़ी अली दई हैं। इनके नाम 148 मैचों में 108 गोल दर्ज हैं। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने 180 मैचों में 106 गोल के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
पाकिस्तान के खिलाफ दागे हैं सबसे अधिक गोल
सुनील छेत्री ने अपने इंटरनेशनल कॅरियर में सबसे अधिक गोल पाकिस्तान टीम के खिलाफ दागे हैं। छेत्री ने फुटबॉल करियर की शुरुआत 16 साल की उम्र में हुई थी। तब वह दिल्ली के स्कूल में दाखिला लेने गए थे। तभी 2001 में कुलालंपूर में एशियाई स्कूल चैंपियनशिप में खेलने के लिए उन्हें भारतीय टीम से मौका मिला था। फिर 12 जून 2005 में सीनियर फुटबॉल टीम में डेब्यू किया था। आपने कॅरियर का पहला गोल पाकिस्तान के खिलाफ दागा था।
आर्मी अफसर थे पिता
छेत्री का जन्म 3 अगस्त 1982 को आंध्र प्रदेश के सिकंदराबाद में हुआ था। उनके पिता आर्मी ऑफिसर थे। मां नेपाल की नेशनल फुटबॉल टीम की खिलाड़ी थीं। आज छेत्री ने एक्स पर पोस्ट किए वीडियो में डेब्यू मैच को याद किया। उन्होंने सुखी सर को याद किया। वह उनके पहले नेशनल टीम के कोच थे। छेत्री ने कहा कि पहले मैच में सुखी सर ने उनसे कहा था कि अब आप स्टार्ट कर सकते हैं। इस फीलिंग को वह बयां नहीं कर सकते। छेत्री ने कहा कि उस मैच में पहला गोल दागे थे। उन्होंने नेशनल टीम की जर्सी पहनी थी तो वह अलग ही फीलिंग थी। मैं डेब्यू वाले दिन को कभी भी नहीं भूल सकता हूं।
इन अवॉर्ड से हुए हैं सम्मानित
छेत्री 2011 में एसएफएफ चैंपियनशिप खिलाड़ी के रूप में सम्मानित किए गए थे। 2007, 2011, 2014, 2017 में एआईएफएफ प्लेयर ऑफ द ईयर अवॉर्ड से नवाजे गए थे। भारत सरकार ने 2011 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था।
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