नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भारतीय क्रिकेट के ‘द वॉल’ कहे जाने वाले राहुल द्रविड़, जिनकी तकनीक और संयमित बल्लेबाजी ने दुनिया भर में तारीफें बटोरी हैं। द्रविड़ को लेकर पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भी एक बार कहा था कि उनको आउट करना सचिन तेंदुलकर से भी ज्यादा मुश्किल था। वहीं, अब द्रविड़ ने हाल ही में एक दिलचस्प बयान दिया जो चर्चा का विषय बन गया। द्रविड़, जो अपनी शालीनता और सोच-समझकर बोलने के लिए मशहूर हैं, उन्होंने ‘हाल चाल और सवाल’ पॉडकास्ट के दौरान बल्लेबाजी से जुड़े कई अनुभव साझा किए।
पॉडकास्ट के दौरान द्रविड़ ने अपने आदर्शों सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर की बात की और यह भी बताया कि कैसे अलग-अलग कद के बल्लेबाजों की तकनीक में अंतर होता है। इसी दौरान उन्होंने एक बात कह दी, जिसे लेकर उन्होंने तुरंत खुद ही कहा कि “शायद विराट कोहली को यह सुनकर बुरा लगे…”।
छोटे कद के बल्लेबाजों को मिलता है फायदा -राहुल द्रविड़
राहुल द्रविड़ ने कहा कि छोटे कद वाले बल्लेबाजों को खेलने में ज्यादा आसानी होती है क्योंकि उनका सेंटर ऑफ ग्रेविटी नीचे होता है, जिससे उनका बैलेंस बेहतर बना रहता है और उनके शॉट्स ज्यादा आकर्षक लगते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सुनील गावस्कर बेहद संतुलित बल्लेबाज थे और उनकी स्थिरता उन्हें हमेशा पसंद रही है। द्रविड़ ने यह भी कहा कि वह खुद थोड़ा लंबे कद के थे, इसलिए कभी गावस्कर की तरह बल्लेबाजी नहीं कर पाए।
उन्होंने सचिन तेंदुलकर को भी संतुलित खिलाड़ी बताया और कहा कि अधिकतर महान बल्लेबाजों में यह समानता देखी जाती है कि वे छोटे कद के होते हैं। उनका मानना है कि सेंटर ऑफ ग्रेविटी नीचे होने की वजह से ऐसे खिलाड़ियों को लाभ मिलता है। द्रविड़ ने ब्रायन लारा, रिकी पोंटिंग और डॉन ब्रैडमैन जैसे दिग्गजों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी बल्लेबाजी इसी वजह से ज्यादा नैचुरल और देखने में खूबसूरत लगती थी।
विराट को लेकर द्रविड़ की मजाकिया टिप्पणी
इसी बातचीत के दौरान राहुल द्रविड़ ने हंसते हुए विराट कोहली का भी जिक्र किया और कहा कि कोहली थोड़ा शॉर्ट-इश हैं, लेकिन शायद विराट को यह बात पसंद न आए कि मैं उन्हें शॉर्ट-इश कह रहा हूं। द्रविड़ ने यह बात हल्के-फुल्के अंदाज में कही थी, लेकिन बयान देते ही उन्हें खुद एहसास हुआ कि उनकी यह टिप्पणी कोहली को चुभ सकती है।
लंबे कद के बल्लेबाजों को लेकर भी बोले द्रविड़
द्रविड़ ने बातचीत में यह भी कहा कि जहां छोटे कद वाले बल्लेबाज संतुलन में बेहतर नजर आते हैं, वहीं लंबे बल्लेबाजों को उनकी पहुंच और ताकत के कारण पावर हिटिंग में बढ़त मिलती है। उन्होंने कहा कि आज का क्रिकेट, खासकर T20 फॉर्मेट, पूरी तरह ताकत और छक्कों पर आधारित हो चुका है और ऐसे में लंबे खिलाड़ियों को स्वाभाविक रूप से फायदा होता है। उन्होंने क्रिस गेल, केविन पीटरसन, कीरोन पोलार्ड और युवराज सिंह जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे इन बल्लेबाजों ने अपनी लंबाई और ताकत का पूरा इस्तेमाल करते हुए इस फॉर्मेट में धमाल मचाया है।
द्रविड़ ने अपनी बल्लेबाजी का भी किया जिक्र
राहुल द्रविड़ ने अपनी बल्लेबाजी शैली को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भले ही वे लंबे कद के रहे हों, लेकिन कभी बड़े हिटर नहीं बने। उनकी ताकत हमेशा तकनीक और धैर्य में रही है। द्रविड़ ने बताया कि आमतौर पर लंबे बल्लेबाजों को पावर गेम के लिए जाना जाता है, लेकिन उन्होंने हमेशा क्लासिकल शॉट्स और मजबूत डिफेंस पर भरोसा किया है।





