नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने क्रिकेट के सभी प्रारुपों से संन्यास ले लिया है। उन्होने ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 सीरीज के बीच में अचानक क्रिकेट से दूर होने का फैसला किया। उनके इस फैसले ने सभी को चौंका दिया। अश्विन के अचानक लिए गए संन्यास को लेकर अब तक कई तरह-तरह की अफवाह और अटकलें लगाए जा रहे है। अश्विन को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले 3 टेस्ट में से केवल 1 में चुना गया था, जिसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय से संन्यास की घोषणा कर दी।
अश्विन के इस फैसले के बाद लगाई गई कई अटकलें
आर अश्विन के इस फैसले ने क्रिकेट प्रेमी और प्रशसकों के लिए एक तरह से झटका था, बीच सीरीज में अचानका रिटायरमेंट की घोषणा करने से सभी हैरान हो गए। वहीं टीम इंडिया के पूर्व स्टार मनोज तिवारी ने इस मामल पर टिप्पणी की है। उनका कहना है कि, आर अश्विन का अपमान हुआ है, जबकि भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने कहा कि वह ‘आहत’ हैं। इन सब अटकलों के बीच, संन्यास के बाद पहली बार अश्विन खुद इन अटकलों पर विराम लगाने आगे आए है, अपने सडनली रिटायरमेंट और फेयरवेल टेस्ट मैच नहीं मिलने को लेकर चुप्पी तोड़ी है।
आर अश्विन ने अपने रिटायरमेंट पर चुप्पी तोड़ी
इन सब दावों के बीच अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘मुझे इस ब्रेक की जरूरत थी, मैंने क्रिकेट के बारे में ज्यदा कुछ सोचा नहीं और मैनें बीच में ही सीरीज छोड़ दिया। इससे पहले मैंने क्रिकेट के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा। हालांकि, मैंने सिडनी और मेलबर्न टेस्ट के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ पोस्ट शेयर किया था। उस दौरान मैंने रिटायरमेंट के कुछ नहीं बताया, क्योंकि मैं ड्रेसिंग रूम में था और मै चाहता था कि, एक क्रिकेटर के रुप में हमें ड्रेसिंग रूम की पवित्रता का सम्मान करना चाहिए। आजकल फैन वॉर बहुत जहरीला है।’
अपनी बातचीत में उन्होंने आगे कहा, ‘आपको मालूम होना चाहिए कि कभी-कभी ये सारी चीजें एक साथ भी आ जाती है, लोग बहुत कुछ कह रहे हैं लेकिन ऐसा कुछ नहीं है, उस समय, मुझे लगा कि मैंने अपनी रचनात्मकता खो दी है, अंत सुखद भी हो सकता है। ज्यादा अटकलें लगाने की कोई वजह नहीं है’।
विदाई मैच नहीं खेलने पर खुलकर बोले
38 वर्षीय पूर्व भारतीय क्रिकेटर आर अश्विन ने इस बीच विदाई टेस्ट मैच न मिलने पर भी खुलकर बोले, अश्विन ने कहा, ‘मेरा व्यक्तिगत मानना है कि, फेयरवेल टेस्ट मैच की कोई जरुरत नहीं है। मैं सिर्फ ईमानदार होना चाहता हूं। जरा गौर करिए, अगर मुझे फेयरवेल टेस्ट मिल भी जाता और मै टीम में जगह पाने का हकदार नहीं हूं, तो मैं खुश नहीं रहूंगा। मेरे क्रिकेट में दम था, लेकिन मुझे लगता है कि जब लोग क्यों पूछते हैं तो रुक जाना हमेशा बेहतर होता है, न कि क्यों नहीं’।
अश्विन का अंतरराष्ट्रीय करियर
बता दें कि, इस अनुभवी भारतीय ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने 106 टेस्ट मैचों में 537 विकेट लेकर संन्यास का ऐलान किया। वह सभी फॉर्मेट में भारत के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज है, इस लिस्ट में वे केवल दिग्गज अनिल कुंबले से पीछे हैं।





