नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । भारतीय क्रिकेट टीम अगले महीने जून में इंग्लैंड दौरे पर जाएगी, जहां इंग्लिस टीम से पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलगी। इस दौरे के लिए टीम इंडिया ने नए टेस्ट कप्तान का भी ऐलान कर दिया है। भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज शुभमन गिल टीम का नेतृत्व करेंगे। और ऋषभ पंत को उपकप्तान बनाया गया है।
इसके साथ ही इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम के स्क्वाड के 15 सदस्यीय क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया गया है। स्क्वाड में युवा और अनुभवी प्लेयर्स को मौका दिया गया है। ऐसे में गिल के कंधों पर इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट सीरीज जिताने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
3 कप्तान ही इंग्लैंड में जिता पाए टेस्ट सीरीज
थोड़ा इतिहास में जाएं तो भारत ने इंग्लैंड की धरती पर पहला टेस्ट मैच साल 1932 में खेला था, जिसमें टीम इंडिया को 158 रनों से हार का सामना करना पड़ा था, तब टीम इंडिया की कमान कप्तान सीके नायडू के पास थी। 1932 से लेकर अब तक भारतीय टीम सिर्फ तीन बार इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट सीरीज जीतने में कामयाब रही थी।
टेस्ट सीरीज की बात करें तो 1971 में अजीत वाडेकर की कप्तानी में, 1986 में कपिल देव की कप्तानी में और 2007 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती है। और दिलचस्प बात ये है कि इस लिस्ट में महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली के नाम शामिल नहीं हैं। ऐसे में जानते है कि अब तक इंग्लैंड की धरती पर भारत का रिकॉर्ड कैसा रहा है।
1. अजीत वाडेकर
साल 1971 की बात है जब अजीत वाडेकर की कप्तानी में भारतीय टीम ने इंग्लैंड का दौरे किया था। जहां तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेली गई थी। इस सीरीज को टीम इंडिया ने 1-0 से जीता हासिल की थी। सीरीज के पहले दो टेस्ट मैच ड्रॉ रहे थे। इसके बाद तीसरे टेस्ट में भागवत चंद्रशेखर की तगड़ी गेंदबाजी के दम में 8 विकेट के साथ टीम ने मैच जीतने में सफल रही है।
2. कपिल देव
साल 1986 में कपिल देव के नेतृत्व में टीम इंडिया ने इंग्लैंड का दौरे किया था। जहां 3 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली थी। सीरीज के पहले दो मैचों में कपिल देव और दिलीप वेंगसरकर ने शानदार प्रदर्शन किया। जबकि तीसरा टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था और टीम इंडिया ने इस टेस्ट सीरीज को 2-0 से जीत लिया।
3. राहुल द्रविड़
साल 2007 में राहुल द्रविड़ की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने इंग्लैंड दौरे पर 3 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली थी। तब पहला और तीसरा टेस्ट मैच ड्रॉ रहे थे। वहीं, दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया 7 विकेट से जीतने में सफल रही थी। इस मैच में जहीर खान टीम के लिए सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे थे। उन्होंने मैच में कुल 9 विकेट चटकाकर मुकाबले को जिताया था। इस तरह से टीम इंडिया टेस्ट सीरीज 1-0 से जीत गई थी




