नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । 114 वर्षीय विख्यात मैराथन धावक फौजा सिंह से जुड़े हिट एंड रन मामले को देहात पुलिस ने महज 30 घंटे में सुलझा लिया है। मंगलवार देर रात 30 वर्षीय NRI अमृतपाल सिंह ढिल्लों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास से दुर्घटना में इस्तेमाल की गई फॉर्च्यूनर (PB 20 C 7100) भी बरामद कर ली गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमृतपाल को थाने लाकर जब पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह मुकेरिया से मोबाइल फोन बेचकर लौट रहा था और ब्यास पिंड के पास एक बुज़ुर्ग उसकी गाड़ी की चपेट में आ गए। उसे यह नहीं पता था कि वह बुज़ुर्ग कोई और नहीं, बल्कि विश्वप्रसिद्ध धावक फौजा सिंह हैं। अमृतपाल ने बताया कि हादसे के बाद वह घबरा गया और गांव-गांव छिपता फिरता रहा। जब देर रात मीडिया रिपोर्ट्स में घटना और फौजा सिंह का नाम सामने आया, तब उसे मामले की गंभीरता का एहसास हुआ।
करतारपुर से हुई आरोपी की गिरफ्तारी
हिट एंड रन मामले में गिरफ्तार किए गए अमृतपाल सिंह ढिल्लों की लोकेशन का पुलिस ने तेजी से पता लगाते हुए उसे जालंधर के करतारपुर क्षेत्र के दासूपुर गांव स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया। हादसे के बाद वह सीधे जालंधर नहीं गया, बल्कि गांव-गांव होते हुए छिपता-छिपाता करतारपुर पहुंचा था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया।
कनाडा से लौटा था आरोपी
SSP हरविंदर सिंह विर्क के निर्देश पर गठित विशेष पुलिस टीम ने जांच की शुरुआत संदिग्ध गाड़ियों की सूची तैयार करके की। जांच में सामने आया कि दुर्घटना में शामिल फॉर्च्यूनर गाड़ी कपूरथला के अठौली गांव निवासी वरिंदर सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड थी। पूछताछ में वरिंदर ने बताया कि उसने यह गाड़ी हाल ही में कनाडा से लौटे एनआरआई अमृतपाल सिंह को बेच दी थी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंच सकी।
गंभीरता से जांच में जुटी पुलिस
फौजा सिंह हिट एंड रन केस में पुलिस अब आरोपी अमृतपाल सिंह को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है, ताकि घटना से जुड़े और भी पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके। जांच का फोकस अब इस बात पर है कि दुर्घटना के समय वाहन तेज रफ्तार में था या लापरवाही से चलाया जा रहा था। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी और वारदात में इस्तेमाल की गई फॉर्च्यूनर की बरामदगी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि इससे केस में अहम सुराग मिले हैं और आगे की जांच में और खुलासे होने की उम्मीद है।





